लेखराम साहू ने मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री को लिखा पत्र : शिक्षाधिकारी को करे निलंबित व शिक्षा ढालुराम का निलंबन करे बहाल
पूर्व विधायक ने कहा अपने नाकामी छुपाने शिक्षा अधिकारी व सरकार शिक्षक पर कर रही अन्याय पूर्ण कार्यवाही

धमतरी। पूर्व विधायक लेखराम साहू ने कहा कि कुरूद विकासखंड अंतर्गत शासकीय नवीन प्राथमिक शाला नारी के सहायक शिक्षक ढालूराम साहू द्वारा अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर बच्चों को अब तक किताबें नही मिलने की पीड़ा को व्यक्त किया। साथ ही इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के वेतन रोकने की बात लिखी। ऐसे में इसे अनुशासनहीनता मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षक को निलंबित कर दिया गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण, अनुचित और शिक्षकीय गरिमा के विरुद्ध कदम है। जिसका वे पूरजोर विरोध करते है।
पूर्व विधायक लेखराम साहू ने आगे कहा कि यदि निलंबित करना है तो शिक्षा अधिकारी को निलंबित किया जाना चाहिए। क्योंकि बच्चों तक पुस्तक पहुंचाने की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारी की होती है जिसमें विभाग नाकाम रहा। अब तक कई ऐसे स्कूल है जिनमें पुस्तके नहीं पहुंच पाई है आधा सत्र बीत चुका है और बच्चों के हाथो में किताबे नहीं है। इससे स्कूलो में शिक्षा की गुणवत्ता कैसी होगी अंदाजा लगाया जा सकता है। कई स्कूलो में बालिका शिक्षा को बढावा देने शासन की योजना अन्तर्गत सायकल भी नहीं पहुंची है। ऐसे में भाजपा सरकार में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। श्री साहू ने बताया कि वे मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर अपने कर्तव्य में असफल रहने वाले शिक्षा अधिकारी को निलंबित करने व शिक्षा ढालुराम साहू के निलंबन को बहाल करने की मांग कर रहे है। शिक्षक ढालुराम ने सही मुद्दा उठाया है। जिसकी उन्हें सजा निलंबन के रुप में दी गई है। उन्होने शिक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर कर शासन-प्रशासन व आमजनता को जागरुक करने का कार्य किया है। शिक्षा विभाग व सरकार द्वारा ऐसे शिक्षक को निलंबित करने के बजाए पुरुस्कृत किया जाना चाहिए। वे एवं सम्पूर्ण कांग्रेस शिक्षक ढालुराम साहू के साथ है। और उनके साथ हुए इस अन्यायपूर्ण कार्यवाही का पूरजोर विरोध कर रहे है।

