हत्या प्रकरण में न्यायालय का कड़ा फैसला:आरोपी को मिली आजीवन कारावास की सजा
साक्ष्यों के आधार पर आरोपी दोष सिद्ध, न्यायालय ने 1000 रुपये अर्थदंड भी किया अधिरोपित

थाना नगरी मे धारा 103(1) बीएनएस के जघन्य हत्या प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी पामेश नवरंग पिता चिंताराम नवरंग, 29 वर्ष, निवासी घासीदास पारा, छिपली, जिला धमतरी को दोष सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है.एक मार्च 2025 को रात्रि लगभग 21 बजे मृतक कन्हैया नवरंग शराब के नशे में घर लौटा, जहां भोजन को लेकर उसका आरोपी पामेश नवरंग के साथ विवाद हो गया। विवाद के दौरान आरोपी ने खाना बनाने में प्रयुक्त अधजली लकड़ी से कन्हैया नवरंग के सिर के पीछे प्रहार कर गंभीर चोट पहुंचाई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।पूछताछ के दौरान आरोपी ने वारदात करना स्वीकार किया, जिसके आधार पर उसका मेमोरेण्डम लिया गया तथा घटना में प्रयुक्त लकड़ी एवं आरोपी के पहने कपड़े विधिवत् जप्त किए गए। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।धमतरी पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना का परिणाम क़े तहत आरोपी पामेश नवरंग पिता चिंताराम नवरंग, 29 वर्ष, निवासी घासीदास पारा, छिपली, जिला धमतरी को आजीवन कारावास मिली।एसपी धमतरी के कुशल मार्गदर्शन में तत्का.थाना प्रभारी नगरी निरी.शरद ताम्रकार एवं नगरी पुलिस द्वारा वैज्ञानिक एवं साक्ष्यों पर आधारित प्रभावी विवेचना कर समय पर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

