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निर्गुण,निराकार,ओमकार, विश्वनाथ से एक ही वर चाहिए, धमतरी और धमतरी वासियों पर अपनी कृपा बनाए रखें- पं राजेश शर्मा

यज्ञ वेदी की पूजा, देवो का आह्वान, मंत्रों की अनुगूँज के साथ श्री शिव मानस कथा एवं रुद्राभिषेक आरंभ

धमतरी. धमतरी के राधाकृष्ण भवन में सावन पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष की षष्टमी दिन सोमवार को शिव उपासना के पुण्य आयोजन का शुभारंभ हुआ।इस 7 दिवसीय श्री शिव मानस कथा-यज्ञ एवं रुद्राभिषेक के पहले दिन राधाकृष्ण भवन में यज्ञ की वेदी तैयार कर फूलों से रंगोली से साज सज्जा की गई, सजावट का जिम्मा महिलाओं ने सम्हाला.

इसके बाद यज्ञ वेदी की पूजा की गई, देवी देवताओं का आह्ववान किया गया, आचार्य झम्मन प्रसाद जी शास्त्री के साथ 9 पुरोहितों ने वेद मंत्रोच्चार के साथ 11 बजे रुद्राभिषेक प्रारंभ किया।जिसमे परम पूज्य शंकराचार्य जी महाराज स्वामी निश्चलानंद जी द्वारा गठित संस्था “धर्म संघ पीठ परिषद आदित्य वाहिनी आनंद वाहिनी” से जुड़े सभी सनातनी पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ उपस्थित रहे। चन्द्रमौली महादेव का रुद्राभिषेक 11 से 1 बजे तक किया गया, इसके बाद दोपहर 3 से 5 बजे तक, आचार्य झम्मन प्रसाद शास्त्री द्वारा श्री शिव मानस कथा आरंभ हुई, कथा में आचार्य श्री ने सुभाषित, सुवासित, वेद की ऋचाओ और पुराणों के श्लोकों के साथ शिव की महिमा का वर्णन किया।ऐसे दिव्य और पुण्य आयोजन मे व्यवस्था और प्रबंधन का काम भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है, इसमे किसी भी तरह की कि भूल चूक न हो इसके लिए, पी वी पराडकर, डी पी भार्गव, दिलीप राज सोनी और योगेश गांधी विशेष रूप से जुटे रहे.

यह आयोजन 12 अगस्त तक प्रतिदिन इसी तरह चलेगा, अंतिम दिन यज्ञ की पूर्णाहुति होगी, और विशाल भंडारा रखा जाएगा।श्री शिव मानस कथा के आयोजक पं. राजेश शर्मा ने आचार्यो का आशीर्वाद लेने के बाद कहा कि, वेद और पुराण बताते है कि शिव फॉर्म लेस है, शेप लेस है, प्रॉपर्टी लेस है, शिव आकाश है और आकाश में ही वास करते है, लेकिन शिव ही सत्य है, ऐसे महादेव का वर्णन करने के लिए मानव इतिहास के सभी शब्द कोष खाली कर दिए जाएं तब भी, उस शशांक-शेखर का वर्णन पूर्ण नही हो पायेगा, लेकिन उन्ही कैलाश पति की कृपा का अंश मात्र मिल जाये तो सृष्टि स्वर्ण समृद्ध हो जाती है, उसी महाकाल की एक दृष्टि से पूरी सृष्टि राख हो सकती है। राजेश शर्मा ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य पूरे धमतरी के कल्याण के लिए भोलेनाथ को प्रसन्न करना ही है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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