डॉ राठौड़ के घर फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर छापेमारी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश
अलग-अलग टीमों के गठन, सायबर तकनीकी विश्लेषण एवं सतत् पतासाजी से 12 आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए जेल

नागपुर,रायपुर दुर्ग-बालोद,दल्लीराजहरा सहित विभिन्न स्थानों से आरोपियों तक पहुंचकर धमतरी पुलिस को मिली बड़ी सफलता
एसपी धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर जिले में संगठित एवं गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर रत्नाबांधा रोड में स्थित डॉक्टर के घर में अवैध प्रवेश कर तलाशी लेने वाले अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया गया है। प्रकरण में कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रार्थी दिलीप राठौर पिता स्व. बाबूलाल राठौर, 67 वर्ष, निवासी रत्नाबांधा धमतरी द्वारा 12 दिसंबर को थाना सिटी कोतवाली में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 17 नवम्बर को लगभग 11.30 बजे 06-07 व्यक्ति स्वयं को इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताकर बिना किसी पहचान पत्र एवं बिना वैध तलाशी वारंट के प्रार्थी के घर जबरन घुस आए। आरोपियों ने लगभग 02 से 02.30 घंटे तक घर के सभी कमरों, दराजों, आलमारियों एवं लॉकर की तलाशी ली तथा प्रार्थी को घर से बाहर निकलने नहीं दिया। तलाशी में कुछ न मिलने पर आरोपी दो कारों में बैठकर फरार हो गए।जिसकी रिपोर्ट पर धाना सिटी कोतवाली द्वारा तत्काल अप.क्र. 327/25 धारा 204, 319(2), 331(3), 61(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए एसपी धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। सायबर सेल के सहयोग से तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर टीमों को नागपुर (महाराष्ट्र), दुर्ग रायपुर एवं बालोद, दल्लीराजहरा (छत्तीसगढ़) की ओर आरोपियों की तलाश हेतु रवाना किया गया। निरंतर प्रयास एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर सभी आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर धमतरी लाया गया।आरोपियों से गहन पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें प्रार्थी के घर में 200 करोड़ रुपये रखें होने की सूचना प्राप्त हुई थी। इसी सूचना के आधार पर आरोपियों ने आपस में संपर्क कर सुनियोजित षडयंत्र रचते हुए फर्जी इनकम टैक्स टीम का गठन किया और घटना को अंजाम दिया।
जिसमें प्रार्थी द्वारा घटना में शामिल आरोपियों की विधिवत सही पहचान की गई।आरोपियों के पृथक पृथक मेमोरेण्डम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन (टाटा सफारी स्विफ्ट डिजायर एवं स्टिफ्ट कार), आपसी संपर्क में प्रयुक्त मोबाइल फोन तथा नकदी रखने हेतु प्रयुक्त जूट बोरी को विधिवत गवाहों के समक्ष जप्त किया गया।आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने पर आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायो रिमांड पर भेजा जा रहा है।गिरफ्तार आरोपियों मे बबलु अजबराव नाइक उर्फ़ नीना मामा पिता अजबराव उके 43 वर्ष गणेश मंदिर के पास थाना जिपटका पोस्ट
उलवाडी जिला,नागपुर महाराष्ट्र,अर्पण उत्तम मेश्राम पिता उत्तम मेश्राम 25 वर्ष साकिन वठोडा रोड थाना नंदनवन महाराष्ट्र, अमन उत्तम मेश्राम पिता उत्तम मेश्राम 26 साल वठोडा रोड थाना नंदनवन महाराष्ट्र,संजय जगतराव शिवरिया उर्फ बाला पिता जगतराम शिवरीया 52 वर्ष डिप्टी सिंग्नल चिखली रोड संजय नगर थाना कडमना जिला नागपुर महाराष्ट्र, दीपक मोहन वर्ड पिता मोहन वर्ड 22 वर्ष बस स्टेण्ड के पीछे नयाकुंड थाना पाटसिवनी जिला नागपुर जिला महाराष्ट्र,सजय रामटेके पिता राजेन्द्र रामटेके 34 वर्ष झुर्रीपारा जिला बालोद जिला बालोद (छ.ग.), गजेन्द्र कुमार साहू उर्फ पिता राजेश कुमार साहू 31 वर्ष कुसुमकसा थाना दल्लीराजहरा जिला बालोद, विवेक उर्फ विक्की कोर्सवाडा पिता द्रोणेन्द्र कोर्सवाडा 33 साल बोरसी कालोनी पदनाभपुर जिला दुर्ग,उमेश साहू पिता कोमल साहू 30 वर्ष बजरंग चौक भटगावं थाना रूद्री जिला धमतरी,जितेन्द्र कुमार बघेल पिता नीलकंठ बघेल 32 साल भाठापारा बोधन रोड रजौली थाना रनचिरई, जिला बालोद,हाल मुकिम हाउसिंग बोर्ड एलआईजी 717 सेजबहार थाना मुजगहन जिला रायपुर, चेतन साहू पिता झीटू राम साहू 44 साल निवासी सांगली थाना गुरूर, जिला बालोद,श्रवण ध्रुव पिता छत्तर सिंह ध्रुव उम्र 38 साल हटकेशर वार्ड धमतरी, जिला धमतरी शामिल है.
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
आरोपी दीपक मोहन वर्डे के विरुद्ध थाना पारसिवनी, जिला नागपुर में पूर्व से अपराध क्रमांक 71/2025 अंतर्गत धारा 305(भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) पंजीबद्ध है।आरोपी अमन उत्तम मेश्राम के विरुद्ध थाना नंदनवन, नागपुर सिटी में अपराध क्रमांक 12/2021 अंतर्गत धारा 25 आर्म्स एक्ट एवं -हाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 4 धारा 135, तथा अपराध क्रमांक 90/2022 अंतर्गत धारा 302, 34 भादवि. के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है।