वसंत पंचमी पर किले के श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर मे होगा बाबा का तिलकोत्सव

मंदिर के ट्रस्टी मुकेश सुखवानी ने कहा कि वसंत पंचमी केवल बसंत के स्वागत का पर्व नहीं, यह बाबा बूढ़ेश्वर महादेव के सगुन और मांगलिक अनुष्ठानों की शुरुआत का प्रतीक है
बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में बाबा का तिलक (तिलाकोत्सव) वसंत पंचमी के अवसर पर होने वाला एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जिसमें बाबा बूढ़ेश्वर महादेव की को तिलक लगाया जाता है, जो विवाह से पूर्व का एक शगुन (शुभ संकेत) माना जाता है, यह काशी की पुरानी परंपरा का हिस्सा है,। यह शिव विवाह की तैयारियों का प्रतीक है, जिसमें शिव और पार्वती के मिलन की परंपराएं शुरू होती हैं।श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के ट्रस्टी मुकेश सुखवानी ने कहा कि वसंत पंचमी केवल बसंत के स्वागत का पर्व नहीं, यह बाबा बूढ़ेश्वर महादेव के सगुन और मांगलिक अनुष्ठानों की शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है। इस वर्ष तिलकोत्सव की रस्म क़िले के श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर परिसर मैं बड़ी ही धूमधाम से बनाया जायेगा ,जो कि भोलेनाथ की शादी का के उत्साह की शुरुआत है।तिलक माता पार्वती के घर से बाजे गाजे के साथ शाम को 7 बजे बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर पहुँचेगा। धर्म की नगरी धमतरी के सभी शिव भक्तों से अनुरोध है कि भोलेनाथ के शिवरात्रि के प्रथम उत्साव मैं अधिक से अधिक संख्या मे किले के श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर जरुर पहुँचे।

