समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन में धमतरी की मजबूत उपलब्धि
पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और किसानों का बढ़ता विश्वास

1.23 लाख से अधिक किसानों से 58.85 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी
जिसकी कुल मूल्य राशि लगभग 1395 करोड़ रुपये से अधिक
यह आंकड़ा जिले में धान उत्पादन की क्षमता और शासन की प्रभावी खरीदी व्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण
धमतरी, 30 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी नीति के अंतर्गत धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन कार्य सुचारु, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी ने न केवल मात्रा के लिहाज से उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, बल्कि किसानों के भरोसे और संतुष्टि को भी नई मजबूती दी है।
जिले की 74 सहकारी समितियों के माध्यम से कुल 1,29,593 किसानों ने 1,27,713.73 हेक्टेयर रकबे में पंजीयन कराया है। 15 नवम्बर 2025 से अब तक 1,23,691 किसानों से कुल 58,85,629.20 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी कुल मूल्य राशि लगभग 1395.56 करोड़ रुपये है। यह आंकड़ा जिले में धान उत्पादन की क्षमता और शासन की प्रभावी खरीदी व्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है।
किसानों की आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब तक 1,17,044 किसानों को 1324.52 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे उनके खातों में किया जा चुका है। समय पर भुगतान से किसानों में उत्साह और संतोष का वातावरण है, जिससे वे आगामी कृषि कार्यों की योजना आत्मविश्वास के साथ बना पा रहे हैं।
उपार्जित धान के त्वरित और व्यवस्थित उठाव की दिशा में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अब तक 26,10,663.60 क्विंटल धान का उठाव सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जबकि 32,74,965.60 क्विंटल धान का उठाव शेष है, जिसे चरणबद्ध तरीके से शीघ्र पूर्ण किया जा रहा है। परिवहन, भंडारण और लॉजिस्टिक व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर किसानों को असुविधा न हो।
इसके साथ ही जिले में अब तक 1,01,221 किसानों द्वारा 6774.71 हेक्टेयर रकबे का समर्पण कराया जाना यह दर्शाता है कि किसान खरीदी प्रक्रिया के प्रति जागरूक हैं और नियमों का पालन कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था प्रशासनिक समन्वय, तकनीकी नवाचार और मानवीय संवेदनशीलता का सफल उदाहरण बनकर उभरी है। यह उपलब्धि न केवल जिले के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी कहती है, बल्कि प्रदेश में सुशासन और भरोसेमंद प्रशासन की एक सकारात्मक तस्वीर भी प्रस्तुत करती है।
