मंडी में हुई 1547 कट्टा धान की बिक्री, सांभा धान को मिला अधिकतम 2375 का भाव
समर्थन मूल्य धान खरीदी का मंडी में रहा असर, खरीदी बंद होने के बाद बढ़ सकती है रौनक

धमतरी। समर्थन मूल्य पर राज्य सरकार द्वारा लगातार ढाई महीने धान खरीदी की गई जिसके चलते किसान सोसायटियो में अपनी उपज बेचने व्यस्त रहे। अब जब 31 जनवरी से धान खरीदी समाप्त हो गई है। ऐसे में मंडी में धान की आवक फिर से बढऩे लगी है। हालांकि राज्य सरकार द्वारा दो दिन और धान खरीदी करने का निर्णय लिया गया है। फिर शेष किसान सोसायटी में धान बेचने पहुंचेंगे। जिससे इन दिनो फिर से मंडी की रौनक घट सकती है।
कार्यालय कृषि उपज मंडी समिति धमतरी से मिली जानकारी के अनुसार आज मंडी में 1547 कट्टा धान की बिक्री हुई है। हालांकि आवक इससे ज्यादा रही। आज मंडी में आईआर चौसठ धान को न्यूनतम में 2000 मध्यम 2050 व अधिकतम 2100 का भाव मिला। सांभा धान को न्यूनतम में 2350 मध्यम 2360 व अधिकतम 2375 का भाव मिला। गोल्डन सांभा धान को न्यूनतम में 2350 मध्यम 2360 व अधिकतम 2372 का भाव मिला। सरोना धान को न्यूनतम में 2050 मध्यम 2059 व अधिकतम 2069 का भाव मिला। दो फर्मो द्वारा 1547 कट्टा धान खरीदी गया। उक्त भाव को किसानो द्वारा औसत माना जा रहा है। मंडी में आवक कम रहने का प्रभाव हमालो के कामकाज में भी पड़ता है।
समर्थन मूल्य पर धान बेचने प्राथमिकता फिर शेष धान पहुंचता है मंडी
बता दे कि राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धान किसानों से खरीदा जा रहा है। जिससे ज्यादातर किसान अपना अधिकांश धान शासन को ही बेचने का प्रयास करता है ताकि उन्हें अन्य स्थानों से ज्यादा भाव मिल सके। इसके पश्चात बचे धान को किसान आड़ातियों व मंडी में धान की बिक्री करता है चूंकि इस बार धान का उत्पादन अपेक्षाकृत कम होना बताया जा रहा है ऐसे में धान खरीदी तिथि के समाप्ति के बाद भी मंडी में बम्फर धान की आवक के बजाए मध्यम आवक होने की उम्मीद की जा रही है।
”समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान भी कृषि उपज मंडी में धान की आवक रही हालांकि किसानों की पहली प्राथमिकता शासन को धान बेचना रहता है इससे आवक जरुर घटती है खरीदी की तिथि समाप्ति के पश्चात उत्पादन के अनुसार मंडी में धान की आवक बढ़ सकती है।ÓÓ
सीएल ताडंव
सचिव कृषि उपज मंडी धमतरी
