दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित राष्ट्रीय विधिक संगोष्ठी 2026 में शामिल हुए ओबीसी राष्ट्रीय समन्वयक लेखराम साहू
कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट, ओबीसी विभाग के चेयरमैन डॉ. अनिल जयहिंद, राष्ट्रीय सचिव सुभाषिनी यादव सहित वरिष्ठ नेताओं ने दिया वक्तव्य
संगोष्ठी का उद्देश्य वर्तमान समय में संविधान के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करना और भविष्य के लिए वैधानिक दृष्टिकोण तैयार करना है – लेखराम साहू

धमतरी. कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में ओबीसी कांग्रेस द्वारा राष्ट्रीय विधिक संगोष्ठी-2026 का आयोजन किया गया, जहां संवैधानिक चुनौतियां- दृष्टिकोण और आगे की राह विषय पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट, ओबीसी विभाग के चेयरमैन डॉ. अनिल जयहिंद, राष्ट्रीय सचिव सुभाषिनी यादव, नेशनल कोऑर्डिनेटर रोहित प्रताप, अम्बिका यादव व वरिष्ठ वकील खोवाल जी और ज़ाहिद जी के साथ सैकड़ों वकीलों ने उपस्थित दर्ज कराई। उक्त राष्ट्रीय विधिक संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ से विशेष रुप से ओबीसी राष्ट्रीय समन्वयक लेखराम साहू, गिरिश देवांगन व ओबीसी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष केशव चन्द्राकर शामिल हुए। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता व छग प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में विधिक इतिहास न्याय और मानवीय मूल्यों के संघर्ष का इतिहास रहा है इसी संघर्ष ने एक सशक्त समाज के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अधिवक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक अन्याय के विरुद्ध आवाज़ बुलंद की है। यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि कानून केवल किताबों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि आमजन के अधिकारों की रक्षा का सशक्त माध्यम बने। अधिवक्ता व्यवस्था और आमजन के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है। श्री पायलट ने ओबीसी विभाग के चेयरमैन डॉ. अनिल जयहिंद सहित ओबीसी विभाग तथा लीगल सेल को इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दी। इस संबंध में चर्चा करते हुए ओबीसी राष्ट्रीय समन्वयक व कुरुद पूर्व विधायक लेखराम साहू ने कहा कि उक्त संगोष्ठी का उद्देश्य वर्तमान समय में संविधान का समक्ष आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करना और भविष्य के लिए वैधानिक दृष्टिकोण तैयार करना था। उक्त कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा जिसमें गंभीर विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई साथ ही वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन मिला।