सौरभ तरार बने सिविल जज, देवांगन समाज सहित जिलेवासियों द्वारा दी जा रही बधाई

धमतरी। हटकेश्वर वार्ड निवासी युवा अधिवक्ता सौरभ तरार ने सिविल जज की परीक्षा पास कर न सिर्फ परिवार, समाज बल्कि पूरे जिले को गौरान्वित किया है। सिविल जज बनने पर उन्हें लगातार बधाईयां दी जा रही है।
बता दे कि 37 वर्षीय सौरभ तरार ने तीसरे प्रयास में सिविल जज बने। सौरभ स्व. जयचंद तरार के पुत्र हैं और अपनी मेहनत, धैर्य व संकल्प के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। सौरभ ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई धमतरी के सरस्वती शिशु मंदिर में की। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया और वर्ष 2009 में संगीत विषय में डिग्री प्राप्त की। संगीत की पढ़ाई के बाद उन्होंने अपने करियर की दिशा बदली और धमतरी लौटकर एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2017 में कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे धमतरी सिविल कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस करने लगे। सौरभ तरार ने बताया कि उन्होंने सिविल जज की परीक्षा तीन बार दी। पहले दो प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में लिखित परीक्षा व इंटरव्यू दोनों सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर सिविल जज पद हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि को धैर्य, लगन और निरंतर प्रयास का परिणाम माना जा रहा है। शहर में तरार हारमोनियम नाम से उनकी दुकान है, जहां उनके दादा, पिता और स्वयं सौरभ भी समय-समय पर बैठते रहे हैं। वकालत के साथ-साथ वे दुकान के कार्यों में भी हाथ बंटाते थे। अब सिविल जज बनने के बाद वे न्यायपालिका के माध्यम से समाज सेवा का संकल्प पूरा करेंगे।
