शुरु हुई होली की तैयारी, सजा नगाड़ो व रंगो का बाजार
होलिका दहन के लिए वार्डो में एकत्रित हो रही लकड़ी व कंडे
2 व 3 को होलिका दहन, 4 को खेली जाएगी होली, 24 फरवरी से लगा होलाष्टक, थमे शुभ कार्य

धमतरी। होली पर्व का विशेष महत्व है। इस बार यह पर्व 4 मार्च को पड़ रहा है। इसके पहले होलिका दहन होगा। जिसकी तैयारियां शुरु हो गई है। हालांकि इस बार 3 मार्च को चन्द्र ग्रहण होने के कारण 2 मार्च को होलिका दहन करने की चर्चा हो रही है। अधिकांश स्थानों पर 3 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा।
ज्ञात हो कि बसंत पंचमी के दिन अंडा (अरंड) पेड़ लगाकर लोग रंगो के त्यौहार का आगमन करते है। फिर होलिका दहन पश्चात अगली सुबह होली खेली जाती है। बता दे कि अब होली पर्व को मात्र 6 दिन का समय शेष रह गया है ऐसे में पर्व की तैयारियां शुरु हो चुकी है। शहर में रंगो के साथ ही नंगाड़ो का बाजार भी सजने लगा है। इस संबंध में नंगाड़ा विक्रेताओं ने बताया कि सबसे छोटे नगाड़ों की जोड़ी 150 रुपये तक बेच रहे है। इसके बाद 4000 रुपये जोड़ी तक नगाड़ों की वैरायटी है। इसी प्रकार रंगो का बाजार सजने लगा है। फिलहाल थोक की खरीदी बिक्री ज्यादा हो रही पर्व के 3-4 दिन पहले ही रंगो का बाजार उठेगा। होलिका दहन के लिए वार्डो व ग्रामो में युवाओं की टोली जिम्मा उठाती है। इसके लिए चंदा भी किया जाता है। वहीं कई लोगों द्वारा होलिका दहन हेतु लकड़ी कंडे आदि सामाग्री भी दान की जाती है। होलिका दहन वाले कई स्थानों पर दहन हेतु लकड़ी व अन्य वस्तुए कई दिनों पहले से एकत्रित हो रही है।
कम हुई नंगाड़ो की थाप
साल दर साल होली पर्व के पूर्व बजने वाली नंगाड़ों की थाप कम होने लगी है। पहले पखवाड़े भर पूर्व से ही नगाड़ो की थाप सुनाई पड़ती थी। लेकिन अब होली के एक दो दिन पहले ही यदि नंगाड़े बज जाये यही बहुत है। होली पर आधुनिकता का रंग भी चढऩे लगा है। होली पर्व के दौरान इस बार 10वीं, 12वीं सीजी व सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं जारी है। इसका असर भी नंगाड़ो की बिक्री पर पड़ रहा है।

