बजट मे छत्तीसगढ़ के भविष्य के ज्ञान की नींव दिखाई नहीं देती,निराशाजनक है यह बजट-घनाराम साहू

किसान नेता घना राम साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जो बजट पेश किया गया है वह बजट घिसी-पिटी पुराना बजट जैसा है, छत्तीसगढ़ के भविष्य के ज्ञान की नींव इसमें दिखाई नहीं देता. इस बजट में बेरोजगार युवा किसान मजदूर आम जनता कैसे समृद्ध हो किसान आत्मनिर्भर कैसे बने इसमें भविष्य की रूपरेखा नहीं है. छत्तीसगढ़ में प्रत्येक घर में पढ़ा लिखा युवक युवती बेरोजगार है उसे कैसे रोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाई जाए इस दिशा में कोई बजट समावेश नहीं दिखता। धमतरी जिला विकास के नाम से काफी पिछड़ा हुआ है यहां की सड़क बेहद खराब है उसके लिए कोई अलग से बजट प्रावधान नहीं है।
इस जिले में युवक युवती बाहर पढ़ने के लिए जाते है उसके लिए ना यहां इंजीनियरिंग कॉलेज है ना ही मेडिकल कॉलेज है ना ही आयुर्वैदिक कॉलेज है और ना है कोई अंग्रेजी महाविद्यालय है । सरकार का इस बजट में कोई उल्लेख नहीं है वर्षों से इंजीनियरिंग मेडिकल कॉलेज की आस लगाए बैठे हैं इस बार भी बजट में कोई उल्लेख नहीं। गंगरेल बांध से छत्तीसगढ़ के अधिकाश जिले की प्यास बुझती है अधिकांश जिला खेती किसानी के लिए इस बांध पर निर्भर है लेकिन डूबानवासी आज भी लिफ्ट इरीगेशन सिंचाई के लिए मांग कर रहे हैं लेकिन बजट में इस बार भी खाली हाथ लगा। किसान के धान के समर्थन मूल्य 3100 घोषणा के अनुरूप एवं प्रतिवर्ष समर्थन मूल्य केंद्र सरकार के बढ़ोतरी के आधार पर 3285 रुपया होता है इस बार अंतर की राशि में जोड़कर देने की उम्मीद इस बजट में थी क्योंकि धान खरीदी में किसानों को समर्पण कराया गया था उसमें इनका भरपाई कर मदद दिया जा सकता था।
इस बजट में जिले में शराब दुकान की संख्या कम कर मोदी की गारंटी की मोहर की विश्वास आम जनता को थी लेकिन किसी प्रकार की उल्लेख इस बजट में नहीं है इस प्रकार से यह बजट पूरी तरह से निराशाजनक रहा।
