छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर होगा चरणबद्ध आंदोलन, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने प्रेसवार्ता लेकर दी जानकारी
छात्र संघ चुनाव नहीं कराने से छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार हो रहा है हनन - राजा

धमतरी। प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में लंबे समय से छात्र संघ चुनाव नहीं करा जाने के कारण छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। यह छात्रों की आवाज़ को दबाने का प्रयास है, जिसे एनएसयूआई किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। इसी के विरोध में एवं छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर एनएसयूआई द्वारा प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया है। उक्त बाते एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजा देवांगन ने आज सुबह राजीव भवन धमतरी में ली गई प्रेसवार्ता के दौरान कही।
श्री देवांगन ने कहा कि चुनाव से कॉलेज एवं विश्वविद्यालय में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है। छात्रों की समस्याओं को प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का माध्यम बनता है। छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों का अनुभव और अभ्यास मिलता है। नेतृत्व क्षमता एवं जिम्मेदारी का विकास होता है। छात्र हितों की रक्षा के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होता है। शिक्षा व्यवस्था में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित होती है। राजा देवांगन ने बताया कि आज प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर छात्र संघ चुनाव की मांग को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। फिर 30 मार्च को प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में प्राचार्य के माध्यम से राज्यपाल, सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। 6 अप्रैल को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों का घेराव कर छात्र शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान एनएसयूआई नेता तेजप्रकाश साहू, यश दुबे, नमन बंजारे, लिकेश साहू, सुदीप सिन्हा भी विशेष रुप से उपस्थित रहे।
छात्रों को वर्तमान में है कई समस्याएं – राजा
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजा देवांंगन ने कहा कि छात्र संघ चुनाव लंबे समय से नहीं होने से छात्रों की आवाज़ दब रही है और प्रतिनिधित्व खत्म हो गया है। सरकारी व निजी कॉलेजों में फीस बढऩे से गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिलती, जिससे पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो जाता है। विभित्र कॉलेजों में स्थायी प्रोफेसरों की कमी है, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। रिजल्ट और परीक्षा में गड़बड़ी की कई समस्या आई है। प्लेसमेंट और करियर गाइडेंस की कमी है। हॉस्टल और परिवहन की समस्या बढ़ी है। डिजिटल सुविधाओं की कमी है। प्रशासन की उदासीनता कॉलेज, विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की शिकायतों पर ध्यान नहीं देते। इसलिए छात्र संघ चुनाव आवश्यक है।
