रामचरित मानस को जीवन में उतार तो जीवन में सार्थक परिर्वतन हो जाएगा – अजय चन्द्राकर

कुरुद। त्रि दिवसीय मानसगान एवं सम्मेलन का शुभारंभ बिरेझर एवं कोटगांव में हुआ। दीप प्रज्वलन के मुख्य अतिथि अजय चंद्राकर विधायक कुरूद पूर्व कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन थे। उन्होंने कहा कि मानस के एक-एक शब्द अनुकरणीय है, जीवन में यदि उतर जाए या एक एक शब्द को धारण किया जाए तो जीवन में आमूल परिवर्तन आ सकता है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के राजतिलक की तैयारी व राम वन गमन अयोध्या कांड के प्रसंग पर कहा कि राम को अयोध्या का राजा होना था, पूरी तैयारी चल रही थी लेकिन सुबह 14 साल का वनवास हो जाता है। उन्हें राजतिलक होने पर खुशी नहीं थी लेकिन वनवास होने पर किंचित दुखी भी नहीं हुए। इस प्रसंग से सीखने को मिलता है कि जीवन की हर परिस्थिति में समान भाव से जीना चाहिए, चाहे दुख हो तकलीफ हो या सुख हो। कार्यक्रम में मुख्य रूप से गौकरण साहू उपाध्यक्ष जिला पंचायत, गणेश साहू जिला अध्यक्ष साहू समाज, कृष्णकांत साहू अध्यक्ष तहसील साहू समाज कुरूद, भूपेंद्र साहू ग्राम पंचायत बिरेझर, चंद्रशेखर साहू सभापति, डॉ लोकेश साहू मंडल अध्यक्ष, थानेश्वर तारक, हरिशंकर साहू, कामता साहू आदि उपस्थित रहे।