धमतरी सहित प्रदेशवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरने वाला है बजट – दिग्विजय सिंह कृदत्त
सड़क चौड़ीकरण, चौपाटी, इंडोर स्टेडियम, पुल-पुलिया निर्माण, सायबर थाना सहित धमतरी के कई मांगो को किया गया बजट में शामिल

धमतरी। भाजपा नेता दिग्विजय सिंह कृदत्त ने प्रदेश सरकार के बजट प्रस्तावों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का अभिनंदन किया और कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता के लिए एक श्रेष्ठ बजट प्रस्तुत किया गया है।
श्री कृदत्त ने कहा कि इस बजट में धमतरी को बहुत कुछ मिला है। धमतरी वासियो की सालो पुरानी मांग प्रमुख सड़को को बजट में शामिल किया गया है. सिहावा चौक से दानीटोला नहर नाका चौक तक, रत्नाबांधा चौक से मुजगहन तक और आंबेडकर चौक से रुद्री तक फोरलेन रोड निर्माण, एन एच 30 से हरफतराई रोड, कांटा तालाब में चौपाटी सहित अन्य मांगों को बजट में शामिल किया गया है जिसके लिए करोड़ो रूपये का प्रावधान किया गया है. ग्राम बागोडार से सिरौदखुर्द सातधारा नाला पर उच्च स्तरीय पूल निर्माण, धमतरी गंगरेल कुकरेल मार्ग का सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण, रीवागहन कुर्रा मार्ग का मजबूतीकरण, सेमरा से सिवनी बाज़ार मार्ग का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण, गुजरा दर्री मार्ग का मजबूतीकरण, धमतरी गुंडरदेही बोराई नगरी मार्ग में पुल निर्माण, धमतरी जिले के महानदी परियोजना अंतर्गत महानदी मुख्य नहर के वितरक शाखा क्रमांक 7 का पुनर्निर्माण, अनेक वितरक शाखाओं का नवनिर्माण, रविशंकर जलाशय में सोलर ऊर्जा से संचालित हेतु बजट सहित अनेक विकास कार्यों को बजट में शामिल किया गया है, जिसकी स्वीकृति जल्द मिलेगी। इसलिए यह बजट धमतरी विधानसभा क्षेत्र वासियों के लिए प्रगति का बजट है ।
श्री कृदत्त ने कहा इस बजट में विकास के कई कार्यक्रम व योजनाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं, साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में, स्वास्थ्य के क्षेत्र में, पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए, युवाओं की दृष्टि से हो, मातृ शक्तियों का सम्मान बढ़ाने की दृष्टि से हो चाहे किसान भाइयों के लिए हो और उद्योग की दृष्टि से चाहे वह बड़े उद्योग हो लघु उद्योग हो मध्यम उद्योग हो, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को ध्यान में रखते हुए समूचे छत्तीसगढ़ के पाँचों संभाग में समुचित रूप से विकास के अनेक प्रावधान किए गए है, जो बजट में घोषित योजनाओं के माध्यम से परिलक्षित हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप 2047 तक विकासशील भारत को विकसित देश में परिवर्तन करने की दृष्टि से जिस तरीके से उन्होंने योजनाएं बनाई है।


