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महिला आरक्षण विधेयक पर गतिरोध है नारी अधिकारों के साथ अन्याय: मोनिका देवांगन

गंगरेल मंडल की अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सभापति श्रीमती मोनिका देवांगन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने इसे देश की नारी शक्ति के अधिकारों के साथ अन्याय करार दिया।
श्रीमती देवांगन ने कहा कि यह विधेयक केवल एक कानूनी प्रस्ताव नहीं था, बल्कि देश की माताओं और बहनों को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल थी। दुर्भाग्यवश, कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों ने अपने राजनीतिक हितों के चलते इस महत्वपूर्ण कदम को आगे बढ़ने से रोक दिया।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा से महिला सशक्तिकरण की पक्षधर रही है। मप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई प्रभावी और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। लेकिन जब संसद में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का अवसर आया, तब विपक्ष ने अपनी नीयत स्पष्ट कर दी।श्रीमती देवांगन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका “नारी सम्मान” केवल एक दिखावटी नारा है, जबकि वास्तविकता में उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को बाधित करने का कार्य किया है। यह रवैया देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों के साथ सीधा खिलवाड़ है।
उन्होंने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा—
क्या महिलाओं को उनका अधिकार देना इन्हें स्वीकार नहीं?
क्या राजनीतिक स्वार्थ, देश की आधी आबादी के हक से भी ऊपर है? अंत में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नारी शक्ति के सम्मान और अधिकारों के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी तथा इस विषय पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी, जब तक देश की मातृशक्ति को उनका पूर्ण अधिकार नहीं मिल जाता।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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