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वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 45 बटुकों का उपनयन संस्कार संपन्न, परशुराम जन्मोत्सव पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब


धमतरी. भगवान विष्णु के छठवें अवतार, भगवान परशुराम के प्राकट्य महोत्सव के पावन अवसर पर धमतरी में भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित इस प्रदेश स्तरीय महोत्सव के तहत 45 बटुकों का विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक उपनयन (जनेऊ) संस्कार संपन्न कराया गया। इतवारी बाजार स्थित ऐतिहासिक किले के राम मंदिर परिसर में आयोजित इस गरिमामयी समारोह का नेतृत्व आचार्य पंडित अशोक शास्त्री एवं पंडित बालेंद्र पाण्डे ने किया। उनके मार्गदर्शन में सभी 45 बटुकों ने पारंपरिक रस्मों को निभाते हुए यज्ञोपवीत धारण किया। इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें केवल धमतरी ही नहीं, बल्कि प्रदेश भर के बटुक शामिल हुए।
परंपरागत रीति-रिवाजों का निर्वहन
महोत्सव के दौरान समाज के सभी वर्गों में भारी उत्साह देखा गया। उपनयन संस्कार की प्रक्रिया पूरी तरह पारंपरिक पद्धति से संपन्न हुई, जिसमें भिक्षाटन से लेकर गुरु-दीक्षा तक की सभी रस्में पूरी की गईं। संस्कार के साथ-साथ भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर अन्य विविध सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
भक्तिमय रहा वातावरण
पूरा मंदिर परिसर शंखध्वनि और मंत्रों के उच्चारण से गुंजायमान रहा। सर्व ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि भगवान परशुराम का प्राकट्य महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोडऩे का एक सशक्त माध्यम भी है।
समाज के दिग्गजों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस पुनीत कार्य के साक्षी बनने के लिए समाज के वरिष्ठ जन और महिला मंच की सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जिसमें प्रमुख रुप से राकेश दीवान, भूपेंद्र मिश्रा, दीप शर्मा, शशांक मिश्रा, देवेंद्र मिश्रा, संतोष तिवारी, विक्रांत शर्मा, पीयूष पांडे, सूरज तिवारी, विनोद पांडे, ननकू महाराज और दीपक शर्मा, बरखा शर्मा, प्रभा मिश्रा, आयुषी पांडे, नेहा दुबे, सीमा चौबे, गौरी मिश्रा, अर्चना पांडे, शोभा दुबे, सरिता दीवान, मीना शर्मा और रजनी दुबे आदि शामिल रहे।

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