तपती गर्मी में नन्हें बच्चों ने निभाई बड़ी जिम्मेदारी, चिडिय़ों के लिए रख रहे पानी
सकोरे और लकड़ी के पात्रों में रोज भरते हैं पानी, पक्षियों की प्यास बुझाने का सराहनीय प्रयास

भखारा। तपती गर्मी के इस मौसम में जहां इंसान ही नहीं बल्कि पक्षी भी पानी की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं क्षेत्र के छोटे-छोटे बच्चों ने एक प्रेरणादायक पहल शुरू की है। अनंत और उसके साथियों ने चिडिय़ों के लिए सकोरे (मिट्टी के बर्तन) और लकड़ी से बने पात्रों में पानी रखना शुरू किया है। बच्चे रोज़ाना इन पात्रों में साफ पानी भरते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी समय चिडिय़ों को प्यासा न रहना पड़े। इतना ही नहीं, वे समय-समय पर इन बर्तनों की निगरानी भी करते हैं और देखते हैं कि चिडिय़ा आकर पानी पी रही हैं या नहीं। जब चिडिय़ों को पानी पीते देखते हैं तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलकती है। नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति हरख जैन की प्रेरणा से उनके परिवार के बच्चों काव्या और अनंत ने यह पहल की है।इस छोटे से प्रयास ने न केवल पक्षियों को राहत दी है, बल्कि समाज को भी एक बड़ा संदेश दिया है कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता कितनी महत्वपूर्ण है।