प्राधिकृत अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कराया समस्याओं से अवगत

कुरुद। 35 सत्ता समर्थित प्राधिकृत अधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपकर धान खरीदी व्यवस्था में भारी गड़बड़ी और सूखत वजन में कमी की समस्या पर सीधा हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में अधिकारियों ने धान खरीदी व्यवस्था की कई खामियों को उजागर किया है जिसमें बफर लिमिट से 4 गुना ज्यादा स्टॉक, इस साल केंद्रों पर जरूरत से कई गुना ज्यादा धान जमा हुआ, जिससे प्रबंधन बिगड़ गया, धान का उठाव समय पर नहीं हुआ, जिसके कारण महीनों तक स्टॉक पड़ा रहा और वजन घटता गया, नवंबर-दिसंबर में खरीदे गए धान का उठाव मार्च-अप्रैल तक खिंचने से करीब 5 प्रतिशत तक वजन कम हो गया आदि शामिल है। बताया गया है कि संग्रहण केंद्रों को सूखत राशि मिल रही है, लेकिन उपार्जन केंद्र यानी समितियों को इससे वंचित रखा गया है, जबकि असली भार उन्हीं पर पड़ा। समितियों ने 1 प्रतिशत अतिरिक्त राहत की मांग की है। ज्ञापन के जरिए अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द निर्णय नहीं हुआ, तो समितियां आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट सकती हैं। प्राधिकृत अधिकारियों में प्रभात बैस, विकास साहू, थानेश्वर साहू सहित कई लोगों ने कहा कि वर्तमान स्थिति में नुकसान उठाना समितियों के लिए संभव नहीं है।
