रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग रहा – इंदर
पुण्यश्लोक की 300वीं जयंती पर भाजपा रावां मंडल द्वारा किया गया संगोष्ठी का आयोजन

धमतरी। पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर रावां मंडल में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मंडल अध्यक्ष अमन राव ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। पूर्व विधायक इंदरचंद चोपड़ा ने प्रमुख वक्ता के रूप में संगोष्ठी को संबोधित किया। भाजपा जिला मंत्री रवि दुबे भी संगोष्ठी में शामिल हुए। विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी, समाज, बुथ स्तर, मंडल पधाधिकारीगण भी बड़ी संख्या में संगोष्ठी में मौजूद थे। मंडल अध्यक्ष अमन राव ने संगोष्ठी में राजमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक एकता और सुशासन का प्रतीक बताया। इंदर चोपड़ा ने रानी अहिल्याबाई होल्कर के करीब 30 वर्षों के शासन को प्रजा कल्याण, लोक रानी अति राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग कहा। आगे रवि दुबे ने कहा कि इंदौर की महारानी होने के बावजूद राजमाता ने स्वयं को किसी एक भौगोलिक सीमा में नहीं बांधा। उन्होंने देशभर में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को साकार करते हुए तीन दशकों तक होल्कर राजवंश का नेतृत्व किया। आगे कांशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को ऐतिहासिक बताया। पेशवा माधवराव की इच्छा के अनुरूप राजमाता ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कर करोड़ों आस्थावानों की भावना को सम्मान दिया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो भारत की सांस्कृक्तिक पुनस्थापना का प्रतीक बना। आगे मुरारी यदु पूर्व मंडल अध्यक्ष ने कहा कि आज इंदौर देश में स्वच्छता में अग्रणी है, इसके पीछे राजमाता द्वारा स्थापित गुड गवर्नेस की प्रेरणा है। वे न्यायप्रिय थीं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी न्याय के लिए दंड देने से परहेज नहीं किया। जिला पंचायत सदस्य धनेश्वरी साहू ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम का संचालन राकेश सिन्हा व आभार दमयंती साहू ने किया। इस अवसर पर फागेश्वरी साहू सदस्य जनपद पंचायत, देहुती साहू जनपद सदस्य, ज्ञानिक राम, केशव साहू, मानिक साहू, चन्द्रेश चांद, शीतल मीनपाल, बिसौहा राम, ईशूराम, लक्ष्मण साहू, साकेत साहू, दुजराम, परमेश्वर साहू, लोकेश, झमित सिन्हा, शीतकुमार, खिलेश साहू, देवेन्द्र साहू, पीतेश ठंडन, दीनदयाल, भूमेश साहू, प्रभूराम, देवेन्द्र साहू, नामदेव राय, शीतल मीनपाल, बसंत मीनपाल, भूपेश साहू, राजू मीनपाल आदि उपस्थित थे।
