केमिकल युक्त रंगो व चासनीयुक्त कुल्फी व आईसक्रीम से सेहत पर मंडरा रहा खतरा
गर्मी के मौसम में ठंडे खाद्य व पेय पदार्थो में हो रहा घातक रसायनिक व सिंथेटिक कलर का उपयोग
पेट की बीमारियां लीवर, किडनी, एलर्जी, अस्थमा, मोटापा, डायबिटीज, कैंसर आदि बीमारियों का रहता है खतरा

धमतरी। इस बार गर्मी के मौसम में जमकर गर्मी का अहसास हो रहा है पारा इतना चढ़ा कि कई सालों की गर्मी का रिकार्ड टूट गया। गर्मी से बेहाल लोगों द्वारा राहत हेतु हर प्रकार के जतन किये गये जिनमें ठंडे खाद्य व पेय पदार्थ भी शामिल रहा। लेकिन अंजाने में रोजाना सेवन करने वाले घातक केमिकल युक्त रंग व चासनी से लोगो की सेहत पर खतरा मंडारने लगा है।
गर्मी के मौसम में बाजार में कई आईसक्रीम व बर्फ के गोले, कुल्फी बेचने ठेले घूमते रहते है। लोग बड़े ही चाव से इनका सेवन कर रहे है। विशेषकर छोटे बच्चों में इसका अलग ही क्रेज व डिमांड रहता है। वे दिन में कई बार गोले, कुल्फी पेस्पी स्टिक व आईसक्रीम का सेवन करते है, लेकिन ज्यादातर केमिकल युक्त होते है जो कि सेहत के लिए नुकसानदेय साबित हो सकता है। इसके लगातार सेवन से पेट की बीमारियां, लीवर, किडनी, एलर्जी, अस्थमा, मोटापा, डायबिटीज, कैंसर आदि घातक बीमारियों का खतरा रहता है। महीनों तक लागातार केमिकल रंगो का सेवन खतरों को काफी बढ़ा रही है।
जानकारी व सावधानी है बचाव
ऐसे रसायनिक रंगो व केमिकल से पके फलो से बचने के लिए सावधानी ही कारगर उपाये है। जानकारो के अनुसार बहुत चमकदार या असामान्य रूप से एक जैसे रंग वाले फलों से सावधान रहें। फलों को खाने से पहले अच्छी तरह साफ पानी से धोएं। संभव हो तो फलों को कुछ समय के लिए पानी में भिगोकर रखें। प्राकृतिक रूप से पके हुए और मौसमी फल खरीदें। कटे हुए या अत्यधिक रंगीन खाद्य पदार्थों से बचें। विश्वसनीय दुकानों से ही फल एवं खाद्य सामग्री खरीदें। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर केमिकल युक्त फलों और कृत्रिम रंगों से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
केमिकल से पके फलों से भी सेहत को है नुकसान
बाजार में फलों की बढ़ती मांग के बीच कई जगहों पर फलों को जल्दी पकाने के लिए रासायनिक पदार्थों (केमिकल) का उपयोग किए जाने की आशंका बनी रहती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक रसायनों से पकाए गए फल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसे फलों के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, सिरदर्द, चक्कर आना तथा लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जानकारों के अनुसार प्राकृतिक रूप से पके फलों में स्वाद, सुगंध और पोषक तत्व बेहतर होते हैं, जबकि केमिकल से पकाए गए फलों का रंग अधिक चमकदार और एकसमान दिखाई देता है। उपभोक्ताओं को फल खरीदते समय उनकी गुणवत्ता पर ध्यान देने तथा अच्छी तरह धोकर ही सेवन करने की सलाह दी गई है।