31 जुलाई तक कराएं खरीफ फसलों का बीमा, प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगी आर्थिक सुरक्षा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को देना होगा मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम


धमतरी। खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे प्राकृतिक आपदाओं, कीट-व्याधि एवं अन्य जोखिमों से अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर फसल बीमा अवश्य कराएं। योजना के अंतर्गत जिले में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी, रागी तथा मूंगफली फसलों का बीमा कराया जा सकता है। योजना में ऋणी एवं अऋणी दोनों प्रकार के किसान शामिल हो सकते हैं। भू-धारक तथा बटाईदार किसान भी योजना के पात्र होंगे। अधिसूचित ग्रामों में अधिसूचित फसल के लिए वित्तीय संस्थानों से मौसमी कृषि ऋण लेने वाले किसानों को योजना में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। गैर-ऋणी किसान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, खसरा एवं स्व-प्रमाणित फसल बुआई प्रमाण-पत्र के साथ योजना का लाभ ले सकते हैं। किसानों को कुल बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। प्रति हेक्टेयर प्रीमियम की दरें इस प्रकार निर्धारित की गई हैं— धान (सिंचित) 1,320 रुपये, धान (असिंचित) 990 रुपये, मक्का 1,012 रुपये, मूंगफली 1,034 रुपये, अरहर 924 रुपये, मूंग 550 रुपये, उड़द 550 रुपये, कोदो 396 रुपये, कुटकी 418 रुपये तथा रागी 374 रुपये। योजना के अंतर्गत बाधित बुआई, रोपण जोखिम, फसल अवधि के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति, कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए रखी गई फसल को चक्रवात अथवा बेमौसमी वर्षा से होने वाला नुकसान तथा ओलावृष्टि एवं जलभराव जैसी स्थानीय आपदाओं से होने वाली क्षति भी बीमा सुरक्षा के दायरे में शामिल है। बीमा कराने की अंतिम तिथि के अनुसार गैर-ऋणी किसान 31 जुलाई 2026 तक तथा ऋणी किसान 15 अगस्त 2026 तक फसल बीमा करा सकते हैं। किसान अपने निकटतम प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति , बैंक शाखा, कॉमन सर्विस सेंटर, बीमा कंपनी के पोर्टल अथवा मोबाइल ऐप के माध्यम से, या कृषि विभाग के अधिकारी एवं संबंधित पटवारी से संपर्क कर फसल बीमा करा सकते हैं।
