डकैती की सनसनीखेज वारदात का खुलासा:अंतरजिला गिरोह के 8 आरोपी गिरफ्तार
सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य एवं वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर कुरूद पुलिस की बड़ी सफलता,लूटी गई एक्टिवा,मोबाइल एवं घटना में प्रयुक्त कार बरामद

पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुरूद के मार्गदर्शन में थाना कुरूद पुलिस ने डकैती के गंभीर एवं संगठित अपराध का सफल पर्दाफाश करते हुए 8 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
प्रकरण में प्रार्थी विमल देशलहरे निवासी ग्राम छाती, थाना कुरूद द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि 11 जुलाई 2026 की रात्रि लगभग 2 बजे मगरलोड जाने के दौरान ग्राम मंदरौद मोड़ स्थित राजू फर्नीचर मार्ट के समीप विश्राम करने के दौरान सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार अज्ञात व्यक्तियों ने उनके साथ मारपीट कर 9,000 रूपये नगद, वीवो कंपनी का मोबाइल फोन एवं एक्टिवा वाहन क्रमांक 9932 लूट लिया तथा घटनास्थल से फरार हो गए।घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए थाना कुरूद में अपराध क्रमांक 211/2026 पंजीबद्ध कर भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक धमतरी द्वारा प्रकरण के शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण हेतु विशेष निर्देश दिए गए, जिसके पालन में थाना स्तर पर पुलिस टीम गठित कर तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच प्रारंभ की गई।विवेचना के दौरान घटनास्थल एवं आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया।
जांच के क्रम में संदेहियों की पहचान सुनिश्चित होने पर उन्हें अभिरक्षा में लेकर वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप पूछताछ की गई। पूछताछ, मेमोरेंडम कथनों एवं पहचान परेड की कार्यवाही से आरोपियों द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित ढंग से डकैती की वारदात कारित करना प्रमाणित हुआ।अनुसंधान के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई एक्टिवा स्कूटी, वीवो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार बरामद कर विधिवत जप्त की गई। विवेचना में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि लूटी गई एक्टिवा को उड़ीसा राज्य के जिला नुवापाड़ा स्थित डरलीमुड़ा में छिपाकर रखा गया था, जिसे पुलिस टीम द्वारा बरामद किया गया।
प्रकरण के अनुसंधान में यह भी स्थापित हुआ कि डकैती की घटना में पांच से अधिक व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी रही तथा कुछ आरोपियों द्वारा डकैती की संपत्ति को अपने कब्जे में रखना एवं उसके परिवहन में सहयोग करना पाया गया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 310(2), 317(3) एवं 317(4) के प्रावधान समाविष्ट किए गए।
संपूर्ण विवेचना के दौरान संकलित मौखिक, दस्तावेजी, तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अनुज ध्रुव, भूपेश उर्फ कंजे ध्रुवंशी, संजय विश्वकर्मा, राजेन्द्र उर्फ राहुल निषाद,योगेन्द्र उर्फ योगी यादव,तीरथ यादव,अमन लंगोटे उर्फ बिल्डर एवं पुरन उर्फ राजा रात्रे की अपराध में संलिप्तता प्रमाणित पाए जाने पर सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।