मां बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु भक्त हुए डोंगरगढ़ धाम के लिए पैदल रवाना

धमतरी। युवाओं का जत्था पदयात्रा के तहत डोंगरगढ़ स्थित बम्लेश्वरी दर्शन के लिए निकली। भक्तों को बाजे-गाजे के साथ विदाई दी गई। पिछले 27 सालो से चली आ रही परंपरा आज भी कायम है। कई भक्त पदयात्रा कर माता के प्रति अपनी आस्था अलग अंदाज में प्रकट कर रहे है। कुछ इसी तरह के भक्त साल्हेवार पारा वार्ड में देखने को मिला। आदित्य कुमार, राहूल जगत, संदीप, मनीष कुमार, चंद्रशेखर आदि ने बताया कि सन 1999 से हर साल नवरात्र में धमतरी से डोंगरगढ़ तक पदयात्रा करते है। और माता बम्लेश्वरी के दर्शन कर मनवांछित फल की कामना करते है। पिछले 27 सालो से यह परंपरा कायम है। धमतरी से डोंगरगढ़ की दूरी करीब 149 किमी. है। इसे वे तीन दिन में पदयात्रा कर पूर्ण करते है। यात्रा के समय भक्त फल और सात्विक आहार ग्रहण करते है। 25 लोगो के जत्था में 15 साल के बच्चे से लेकर 40 साल तक के युवा शामिल है। भक्त सोमनाथ, किशोर, दिलीप ने बताया कि डोंगरगढ़ के बम्लेश्वरी माता की महिमा अपार है। इस धाम में जो भी मन्नत मांगी जाती है। माता उसे पूर्ण करती है।