कलेक्टर श्री मिश्रा ने की महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा:कुपोषण के खिलाफ धमतरी में तेज होगी मुहिम, आंगनबाड़ी के रिक्त पद भरने की कार्यवाही के निर्देश
महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा की, गंभीर कुपोषित बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

धमतरी- कलेक्टर अबिनाश मिश्रा बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण के खिलाफ यह केवल विभागीय नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व का अभियान है, जिसमें प्रत्येक अधिकारी और मैदानी अमले की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।
उन्होंने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, कुपोषण मुक्ति अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए अधिकतम 60 दिनों के भीतर सभी रिक्त पदों को भरने की नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए, ताकि बच्चों और माताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में कलेक्टर ने जिले में वर्तमान में 587 गंभीर कुपोषित बच्चों की जानकारी पर कलेक्टर ने पर्यवेक्षकों को अपने-अपने सेक्टर के गंभीर कुपोषित बच्चों की नामवार सूची, अभिभावकों के संपर्क नंबर सहित तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, पालकों से सतत संवाद स्थापित किया जाए तथा आवश्यकता अनुसार बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए। इसके लिए एनआरसी में भर्ती की प्रतीक्षा सूची तैयार रखने तथा प्रत्येक 15 दिन में नए पात्र बच्चों की भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
हर सेक्टर में होगा पोषण स्तर का सत्यापन
पोषण की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के लिए कलेक्टर ने प्रत्येक सेक्टर में कम से कम 50 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों में 10 प्रतिशत बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापकर नामवार सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे मैदानी स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों का वास्तविक मूल्यांकन होगा और जरूरतमंद बच्चों तक समय पर पोषण सेवाएं पहुंचाई जा सकेंगी। सभी पर्यवेक्षकों को आगामी सप्ताह के गुरुवार तक सत्यापन रिपोर्ट जिला कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले के 103 आंगनबाड़ी केंद्र पूर्णतः कुपोषण मुक्त हो चुके हैं, जहां वर्तमान में कम वजन अथवा दुबलापन से ग्रसित कोई बच्चा नहीं है। कलेक्टर ने इसे विभागीय टीम के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताते हुए अन्य केंद्रों में भी इसी मॉडल को अपनाने के निर्देश दिए।
‘सुपोषित धमतरी अभियान’ से मिल रहे उत्साहजनक परिणाम
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि ‘सुपोषित धमतरी अभियान’ के तहत जिले के 102 आंगनबाड़ी केंद्रों के 787 कुपोषित बच्चों को जिला स्तरीय अधिकारियों ने गोद लिया है। इन बच्चों को नियमित रूप से फल, पौष्टिक आहार एवं आवश्यक पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पाउडर भी वितरित किया जा रहा है। इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप केवल जून माह में 132 बच्चे कुपोषण की श्रेणी से बाहर आए, जो अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
टीएचआर की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में परियोजना अधिकारियों ने बताया कि टेक होम राशन (टीएचआर) की आपूर्ति बीज निगम द्वारा समय पर नहीं हो पा रही है। इस पर कलेक्टर ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर नियमित एवं समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों को पोषण सामग्री वितरण प्रभावित न हो।
मगरलोड में पीएम मातृ वंदना योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान मगरलोड परियोजना में लक्ष्य के अनुरूप कम पंजीयन पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पात्र हितग्राहियों की पहचान कर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। वहीं महतारी वंदन योजना के 2932 हितग्राहियों की लंबित ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने के लिए पर्यवेक्षकों को बुजुर्ग, पलायन कर चुके एवं बेड रेस्ट पर रहने वाले हितग्राहियों की पृथक जानकारी जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने कहा गया।
जनमन योजना के आंगनबाड़ी भवनों का कार्य शीघ्र पूरा करने पर जोर
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत स्वीकृत 18 आंगनबाड़ी भवनों में से 12 भवन पूर्ण, 5 निर्माणाधीन तथा एक भवन भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रारंभ नहीं हो सका है। नगरी क्षेत्र के कमारपारा बिरनासिब्ली में एक नागरिक द्वारा निजी भूमि उपलब्ध कराने की सहमति पर कलेक्टर ने परियोजना अधिकारी को आरईएस के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन भवनों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए संबंधित एजेंसियों को पत्र जारी करने को कहा गया।
बैठक में नोनी सुरक्षा योजना, सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र, सुकन्या समृद्धि योजना, सक्षम योजना तथा महिला कोष योजना की भी समीक्षा की गई। महिला कोष योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 की ऋण वसूली की प्रगति का सेक्टरवार परीक्षण करने तथा प्रत्येक प्रकरण पर पर्यवेक्षकों की टिप्पणी संलग्न करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, सभी परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि सुदृढ़ मॉनिटरिंग, समयबद्ध कार्रवाई, जनसहभागिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से धमतरी को कुपोषण मुक्त जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में अभियान को और गति दी जाएगी।