डॉ. वर्णिका शर्मा का संदेश- समझदार पालक बनाएं बच्चों का उज्ज्वल भविष्य
धमतरी में बाल आयोग का समझदार पालक- सशक्त प्रदेश

बाल आयोग का बड़ा कदम, पालकों को सशक्त बनाने कार्यशाला का आयोजन
धमतरी, 29 जुलाई। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा धमतरी मुख्यालय में शाम को समझदार पालक, सशक्त प्रदेश विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए बच्चों के समग्र विकास एवं प्रभावी पालन-पोषण से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला के दौरान अभिभावकों के लिए विभिन्न सहभागितापूर्ण एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। साथ ही बाल अधिकारों, सकारात्मक अभिभावकत्व (पॉजिटिव पेरेंटिंग), बच्चों के भावनात्मक एवं मानसिक विकास तथा उनके व्यक्तित्व निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में रायपुर से पधारीं मनोवैज्ञानिक डॉ. गार्गी पांडे ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए बताया कि माता-पिता का व्यवहार बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और मानसिक विकास पर गहरा प्रभाव डालता है। उन्होंने वर्तमान समय में बच्चों के बदलते व्यवहार को समझने, उनसे प्रभावी संवाद स्थापित करने तथा उनके सकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं उपयोगी सुझाव प्रदान किए।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धमतरी के महापौर रामू रोहरा उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य बाल संरक्षण आयोग की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ एवं संस्कारित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार उनके माता-पिता हैं। उन्होंने कार्यशाला में प्रस्तुत सभी विषयों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनका समुचित संरक्षण, संवेदनशील पालन-पोषण तथा समग्र विकास सुनिश्चित करना प्रत्येक अभिभावक और समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ संवाद, स्नेह और विश्वास का वातावरण विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को जागरूक एवं सशक्त बनाते हुए बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और सकारात्मक पारिवारिक वातावरण का निर्माण सुनिश्चित करना रहा। कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी, जनप्रतिनिधि गण और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।