गुरु की परिभाषा को जो समझे उसी शिष्य का आध्यात्म और संस्कार भरा जीवन होता है – जानकी बल्लभ तीर्थ स्वामी
धूमधाम से शिष्यों द्वारा मनाया गया गुरुपूर्णिमा पर्व

धमतरी। धमतरी बिलासपुर में शिष्यों द्वारा गुरुपूर्णिमा धूम-धाम से मनाया गया इस अवसर पर जानकी वल्लभ तीर्थ गिरी मामाश्री का सानिध्य गुरु के रूप में प्राप्त हुआ जानकी वल्लभ जी ने कहा कि जीवन में गुरु का सानिध्य होना बहुत जरूरी है क्योंकि गुरु के आशीर्वाद से परिवार में खुशहाली जरूर रहता है और आज के समय में गुरु की परिभाषा को जो समझ गया उस शिष्य के जीवन मे दुख भी सुख में बदल जाता है। उक्त कार्यक्रम में चंद्रभूषण बाजपेयी रिटायर न्यायधीपति उच्च न्यायालय छ ग धमतरी पूर्व प्रथम डीजे, मुदित मिस्र जी प्रिय शिष्य नागराज अमरकण्टक , डा दिनेश चौहान संत कृष्ण मानस मित्र जी ने कहा कि मनुष्य के भाग दौड़ जीवन में आज बहुत जरूरी है अपने धर्म समाज आध्यात्म के लिए समय निकालना जब मन कहीं थका हो तो अध्यात्म ही सकरात्मक ऊर्जा प्रदान करता है कार्यक्रम में डॉ. , बुद्धिया शिवोम सोनी शिवानी सोनी मीना सोनी आदित्य सोनी धीरज सोनी आकाश चौहान सौरभ निहाल ज्योति सोनी वर्षा कश्यप उपस्थित थे।

