सांसारिक सुख क्षणिक, आत्मा का सुख ही शाश्वत : परम पूज्य रत्ननिधि श्री जी म.सा.
36 दिवसीय गुरु इकतीस जाप का शुभारंभ

धमतरी। इतवारी बाजार स्थित पाश्र्वनाथाय जिनालय में परम पूज्य रत्ननिधि श्री जी म.सा. आदि ठाणा-4 के पावन सान्निध्य में चातुर्मासिक धार्मिक प्रवचनों की श्रृंखला श्रद्धा एवं भक्ति के साथ निरंतर जारी है। परम पूज्य रत्ननिधि श्री जी म.सा. ने कहा कि संसार का प्रत्येक पदार्थ नश्वर और परिवर्तनशील है। मनुष्य जिस धन, वैभव, पद, प्रतिष्ठा और भौतिक सुख-सुविधाओं में सुख खोज रहा है, वह वास्तविक सुख नहीं है। संसार की प्रत्येक वस्तु समय के साथ बदलती रहती है। चाहे शरीर हो, परिवार हो, महल हो या अपार धन-संपत्ति, सब एक दिन नष्ट होने वाले हैं। इसलिए नश्वर वस्तुओं में स्थायी सुख की कल्पना करना मनुष्य का सबसे बड़ा भ्रम है। उन्होंने कहा कि यदि संसार के पदार्थों में वास्तविक सुख होता, तो भगवान महावीर, भगवान बुद्ध, भगवान श्रीराम तथा अन्य महापुरुष कभी भी वैभव और राजसत्ता का त्याग नहीं करते। इन महापुरुषों ने यह समझ लिया था कि सांसारिक सुख केवल क्षणिक है, जबकि आत्मा का सुख अनंत और शाश्वत है। इसलिए उन्होंने आत्मज्ञान, तप, संयम और साधना का मार्ग अपनाकर मानवता को सच्चे सुख का मार्ग दिखाया। पूज्यश्री ने कहा कि आज का मनुष्य बाहरी चमक-दमक में इतना खो गया है कि उसने अपने भीतर झांकना ही छोड़ दिया है। जब तक व्यक्ति अपने अंतरमन को नहीं पहचानता, तब तक उसे वास्तविक शांति और आनंद की अनुभूति नहीं हो सकती। जीवन का उद्देश्य केवल धन अर्जित करना नहीं, बल्कि आत्मा को निर्मल बनाना और अपने कर्मों को श्रेष्ठ बनाना है। उन्होंने कहा कि चातुर्मास आत्मजागरण और आत्मशुद्धि का महापर्व है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि स्वयं को बदलने और आत्मचिंतन करने का श्रेष्ठ अवसर है। समाज तभी मजबूत बनेगा जब प्रत्येक व्यक्ति अपने आचरण को शुद्ध करेगा और परिवार में धार्मिक एवं नैतिक संस्कारों का वातावरण तैयार करेगा। इस अवसर पर पूज्यश्री ने श्रद्धालुओं से चातुर्मास के प्रत्येक दिन का सदुपयोग करते हुए नियमित रूप से प्रवचन, स्वाध्याय, सामायिक, नवकार मंत्र जाप एवं धर्म आराधना में सहभागी बनने का आह्वान किया। इसी क्रम में 1 अगस्त से 36 दिवसीय गुरु इकतीस जाप का शुभारंभ भी परम पूज्य रत्ननिधि श्री जी म.सा. आदि ठाणा-4 की निश्रा में हुआ है। यह अनुष्ठान प्रतिदिन रात्रि 8:30 बजे से 9:30 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में प्रतिदिन प्रभावना के साथ तीन लक्की ड्रॉ भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
