लबालब होने के करीब गंगरेल बांध, हुआ 80 प्रतिशत जल भराव
32.150 टीएमसी क्षमता वाले गंगरेल बांध में हुआ 26.655 टीएमसी जल भराव
बारिश थमने से आवक लगातार हो रही कम, 94500 क्यूसेक आवक से घट कर हुई 2643 प्रति सेकेंड


धमतरी। गंगरेल बाँध प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा बांधा है। यह पर्यटन, मत्स्य, कृषि व उद्योग के लिए काफी अहम है। उक्त बांध की स्थिति में काफी सुधार हुआ है अब बांध लबालब होने के करीब है।
बता दे कि गंगरेल बांध की जल भराव क्षमता 32.150 टीएमसी है। वर्तमान में बांध में कुल 26.655 टीएमसी जल भराव हो चुका है। जिसमें उपयोगी पानी 21.584 टीएमसी है। इस प्रकार बांध में लगभग 80 प्रतिशत उपयोगी पानी का जल भराव हो चुका है। बता दे कि कुछ दिन पूर्व बांध के कैंचमेंट एरिया में हुई अच्छी बारिश से बांध में आवक तेजी से बढ़ा। इस सीजन में अब तक अधिकतम आवक 94500 क्यूसेक तक रही। इसके बाद आवक बारिश थमते ही घटती गई। वर्तमान में आवक 2643 क्यूसेक प्रति सेकेंड हो रही है।
मुरुमसिल्ली, दुधावा व सोंढुर बांध भी छलकने के कगार पर
बता दे कि जिले के अन्य बांधो की स्थिति भी वर्तमान में अच्छी है। मुरुमसिल्ली बांध की क्षमता 5.839 टीएमसी की है। वर्तमान में 5.113 टीएमसी जल भराव है। जिसमें 4.992 टीएमसी उपयोगी पानी है। इस प्रकार बांध में 87 प्रतिशत जल भराव है। दुधावा बांध की कुल जल संग्रहण क्षमता 10.192 टीएमसी है। वर्तमान में बांध में 9.061 टीएमसी जल भराव है। जिसमें उपयोगी जल भराव 8.901 टीएमसी है। इस प्रकार बांध में 88 प्रतिशत जल भराव है। वहीं सोंढुर बाँध की क्षमता 6.995 टीएमसी की है। वर्तमान में 5.961 टीएमसी जल भराव है। उपयोगी जल भराव 5.308 टीएमसी है। इस प्रकार 83 प्रतिशत से अधिक का जल भराव हो चुकी है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि उक्त बांध भी लबालब होने के कगार पर है।

