मेरी बेटी मेरा अभिमान अभियान के तहत नवागांव( स ) में बालिका शौचालय निर्माण शुरू
बालिकाओं के सम्मान, स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

धमतरी- बालिकाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में जिले में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत नवागांव (स) में ‘मेरी बेटी मेरा अभिमान’ अभियान के तहत स्वीकृत बालिका शौचालय निर्माण कार्य का विधिवत लेआउट किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की गई।
ग्राम पंचायत नवागांव सा में वीबी-जी राम जी के तहत स्वीकृत इस निर्माण कार्य का लेआउट संबंधित तकनीकी अमले की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में बालिकाओं के लिए पृथक, स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय सुविधा की आवश्यकता और इसके महत्व पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
‘मेरी बेटी मेरा अभिमान’ अभियान बालिकाओं की गरिमा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मसम्मान से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। पर्याप्त एवं सुरक्षित स्वच्छता सुविधाएं बालिकाओं के स्वास्थ्य की रक्षा करने के साथ विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति और शिक्षा को भी प्रोत्साहित करती हैं। वहीं स्वच्छता के प्रति जागरूकता विकसित करने में भी इन सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
स्थानीय जरूरतों के अनुरूप हो रहा मूलभूत सुविधाओं का विस्तार
विकासखंड नगरी में ग्राम पंचायतों की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मूलभूत अधोसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ निर्माण कार्यों में पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। नवागांव सा में शुरू हुआ बालिका शौचालय निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने कहा कि, मेरी बेटी मेरा अभिमान’ केवल शौचालय निर्माण की पहल नहीं, बल्कि बालिकाओं के सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मविश्वास से जुड़ा अभियान है। नवागांव सा में स्वीकृत बालिका शौचालय का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाएगा। ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप मूलभूत सुविधाओं का विस्तार शासन की प्राथमिकता है। बालिकाओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय की सुविधा मिलने से उनकी गरिमा के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
