कलेक्टर के निर्देश पर अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध प्रशासन की सख्त कार्रवाई:पोटियाडीह में जेसीबी से बंद नाली खुलवाई, प्लाट चिन्हांकन के सीमेंट पोल हटाए

धमतरी- ग्राम पोटियाडीह के पटवारी हल्का नंबर-27 में बिना अनुमति की जा रही अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर एसडीएम धमतरी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और अवैध प्लाटिंग के लिए किए गए निर्माण एवं चिन्हांकन को हटाया।
कार्रवाई के दौरान संबंधित भूमि के खसरा नंबर 773/3, 774/1, 772/1, 772/2 एवं 773/2 का निरीक्षण किया गया। प्लाटिंग के उद्देश्य से बंद की गई नाली को जेसीबी की सहायता से पुनः खुलवाया गया, ताकि प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था बाधित न हो। इसके साथ ही प्रस्तावित प्लाटों के सीमांकन एवं चिन्हांकन के लिए लगाए गए सीमेंट के पोल को भी उखाड़कर हटा दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से मौके पर की जा रही अनधिकृत गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगी।कार्रवाई के दौरान ग्राम पंचायत पोटियाडीह की सरपंच, उपसरपंच, तहसीलदार शिवेंद्र कुमार सहित राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा पहले भी अवैध प्लाटिंग के संबंध में चेताया है कि जिले में बिना सक्षम अनुमति के की जा रही अवैध प्लाटिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों एवं आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए स्थल निरीक्षण करें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अनधिकृत रूप से भूमि का प्लाटिंग कर विक्रय करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने जिले में अवैध प्लाटिंग के प्रकरणों की सतत निगरानी करने तथा ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य अनधिकृत कॉलोनियों के विस्तार पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ आम नागरिकों को बिना अनुमति विकसित किए जा रहे भूखंडों की खरीद से होने वाले आर्थिक एवं कानूनी नुकसान से सुरक्षित रखना है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि भूमि खरीदने से पहले संबंधित भूखंड की वैधता, आवश्यक अनुमतियों एवं अभिलेखों की जांच अवश्य करें।
