बाहरी व्यक्ति को ठेका देने का विरोध, मछुआ समिति ने जलाशय में मांगा मत्स्याखेट का अधिकार

धमतरी। जिला कार्यालय पहुंचे पूर्व जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव, हगरुराम नेताम, शोभाराम निषाद, हिरामन कोमरा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि माड़मसिल्ली बांध बनाने के लिये उनके पूर्वजों ने अपने उपजाऊ कृषि भूमि को शासन को समर्पित कर दिया था। उस ऐतिहासिक त्याग के बाद उनके पास कोई कृषि भूमि शेष नहीं है। रोजी मजदूरी व मत्स्याखेट के भरोसे ही परिवार का पालन पोषण हो पा रहा है। माड़मसिल्ली बांध से मछुआ समिति की रोजी रोटी जुड़ी हुई थी। लेकिन बांध को मत्स्याखेट के लिये बाहरी व्यक्ति को ठेके पर दे दिया गया है। ठेकेदार के आधिपत्य से स्थानीय भूमिहीन किसानों व मछुआरों से उनका पारंपरिक रोजगार पूरी तरह से छीना जा रहा है। जिससे सैकड़ो परिवारों के समक्ष भूखमरी व पलायन का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन किसानों ने जलाशय के लिये अपनी जमीने कुर्बान की है उन्हीं का जलाशय पर पहला प्राकृतिक अधिकार है। इसलिये ठेका को निरस्त कर स्थानीय मछुआ समिति को बांध को मत्स्याखेट के लिये प्रदान किया जाये।

