जातिगत जनगणना में ओबीसी की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करें केंद्र सरकार – लेखराम साहू

धमतरी. मल्लिकार्जुन खडग़े अध्यक्ष भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नई दिल्ली राहुल गांधी लोकसभा नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद लोकसभा क्षेत्र रायबरेली के निर्देश पर डॉ अनिल जय हिंद अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कांग्रेस नई दिल्ली के अध्यक्षता में इंदिरा भवन नई दिल्ली में पूरे भारत से आए राष्ट्रीय समन्वयकों के सभी सदस्यों की आवश्यक बैठक रखा गया था इस बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ अनिल हिन्द, के राजू , श्रीमती सुप्रिया श्रीनेत, रूद्र संतोष कुमार रहे। बैठक में छत्तीसगढ़ से लेखराम साहू भी शामिल हुए। लेखराम साहू ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जनगणना 2027 में जाति की गणना शामिल करने का निर्णय लिया गया है लेकिन जाति संबंधी जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था में ओबीसी के लिए अलग और स्पष्ट वर्गीकरण नहीं होने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की नियत पर सवाल उठाते हुए कहा है कि केवल जाति पूछ लेना पर्याप्त नहीं है बल्कि ओबीसी समाज की स्पष्ट और विश्वसनीय गणना भी सुनिश्चित की जानी चाहिए लेखराम साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने आगामी जनगणना में जातिगत आंकड़े जुटाने का निर्णय लिया है जो लंबे समय से उठ रही सामाजिक न्याय की मांग की दिशा में महत्व पूर्ण काम है लेकिन यदि जाति की जानकारी खुले रूप में दर्ज की जाएगी और ओबीसी के लिए स्पष्ट पृथक वर्गीकरण नहीं होगा तो ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या के आंकड़ों को व्यवस्थित और विश्वसनीय रूप से सामने लाने में गंभीर चुनौतियां पैदा हो सकती है उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में अलग-अलग जातियां उपजातियां और स्थानीय नाम के कारण जातिगत आंकड़ों का वैज्ञानिक वर्गीकरण बेहद महत्वपूर्ण है। जब सरकार खुद जातिगत आंकड़े जुटाने जा रही है तो ओबीसी की स्पष्ट पहचान और वर्गीकरण की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है केंद्र सरकार को इस सवाल का जवाब देश के पिछड़े वर्गों को देना चाहिए।

