बारिश के मौसम में जर्जर मकानों से बढ़ा हादसे का खतरा, निगम व प्रशासन से सर्वे व कार्रवाई की मांग
हाल ही में दिल्ली में 5 मंजिला इमारत ढहने से हुई थी 7 छात्रों की मौत से है सीख लेने की आवश्यकता
भरभरा कर ठहने से हो सकता है गंभीर जानमाल का नुकसान, अनदेखी पड़ सकती है भारी

धमतरी। नगर निगम अन्तर्गत वार्डो में कुछ ऐसे मकान है जो कमजोर व जर्जर हो चुके है। बारिश के मौसम में इनके ठहने और भरभरा कर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय रहते इन भवनों से खतरे की आशंका को दूर करना जनहित में आवश्यक है।
लगातार हो रही बारिश के बीच धमतरी शहर में कई पुराने और जर्जर मकान दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। वर्षों पुराने भवनों की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं, छतें कमजोर हो गई हैं और कई मकानों के हिस्से बारिश के कारण लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। ऐसे भवनों के कभी भी भरभराकर गिरने की आशंका बनी हुई है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों की जान जोखिम में पड़ सकती है। शहर के पुराने मोहल्लों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कई ऐसे मकान हैं, जिनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी है। बारिश के दौरान इन भवनों में पानी भरने और सीलन बढऩे से उनकी मजबूती और कम हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश के कारण कमजोर हो चुके भवन अचानक गिर सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि व्यापक स्तर पर सर्वे और आवश्यक कार्रवाई नहीं हो सकी है। लोगों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से ऐसे भवनों की तत्काल पहचान कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। नागरिकों का सुझाव है कि नगर निगम, राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम बनाकर पूरे शहर का सर्वे कराया जाए। जिन भवनों को अत्यधिक खतरनाक श्रेणी में पाया जाए, उन्हें नोटिस जारी कर खाली कराया जाए तथा आवश्यक होने पर उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसे भवनों के आसपास चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की जाए, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। बारिश के मौसम में प्रशासन की ओर से समय रहते की गई कार्रवाई किसी बड़े हादसे को टाल सकती है। पिछले वर्षों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जर्जर मकान गिरने से जनहानि की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में दिल्ली में एक 5 मंजिला इमारत के ढहने से 7 छात्रों की दर्दनांक मौत हो गई थी, इसलिए लोगो का कहना है कि स्थानीय प्रशासन को ऐसे हादसों से सीख व सबक लेनी चाहिए।
पार्षदों से ली जा सकती है जानकारी
निगम के सभी 40 वार्डो के 40 पार्षदों का अपने अपने वार्डो में निरंतर भ्रमण होता है। इससे उन्हें वार्डो की सम्पूर्ण जानकारी होती है। ऐसे में निगम वार्ड पार्षदों से पुराने जर्जर मकानों की सही जानकारी निगम को दे सकते है। इसके पश्चात निगम को आगे की कार्रवाई में आसानी होगी इससे जर्जर मकान के गिरने, ठहने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
