ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हाथकरघा उद्योग की भूमिका महत्वपूर्ण -भोजराम देवांगन

कुरूद,जिला स्तरीय बुनकर सहकारी समितियों के पदाधिकारियो एवं सदस्यों का एकदिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन साहू समाज भवन ग्राम भुसरेंगा में जिला सहकारी संघ धमतरी द्वारा भोजराम देवांगन अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित, छत्तीसगढ़ के मुख्य आतिथ्य, गीतेश्वरी साहू अध्यक्ष जनपद पंचायत कुरूद की अध्यक्षता एवं ललिता साहू सरपंच ग्राम पंचायत भुसरेंगा के विशिष्ट आतिथ्य एवं सुदामाराम देवांगन अध्यक्ष अभिनव बुनकर सहकारी समिति बिजनापुरी, मेमचंद देवांगन अध्यक्ष विकास हाथकरघा बुनकर सहकारी समिति कुरुद, रोशनलाल देवांगन अध्यक्ष शुभम बुनकर सहकारी समिति बकली, सी पी साहू प्राधिकृत अधिकारी जिला सहकारी संघ धमतरी, अनुज साहू अध्यक्ष साहू समाज ग्राम भुसरेंगा, अवध देवांगन सचिव छत्तीसगढ़ राज्य शिल्पी संघ रायपुर की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में भोजराम देवांगन ने उपस्थित बुनकर साथियों को नमन करते हुए कहा कि आपके हाथ केवल धागे नहीं बुनते, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और कला को कपड़ों के रूप में जीवित रखते हैं। उन्होंने वर्ष भर के लिए सभी बुनकर समितियों को कार्य आदेश प्रदान करने तथा आने वाली कठिनाइयों व समस्याओं को हर संभव हल करने आश्वस्त किया। नई सोच व नवाचार से प्रगति के साथ ही मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी अपनाने अपील के साथ कहा कि आज का दौर तकनीक और बदलाव का दौर है। हमारी सरकार पूरी तरह आपके साथ खड़ी है, ताकि आपकी मेहनत का सही मोल मिल सके। गीतेश्वरी साहू ने कहा कि बुनकर भाई-बहन कपड़ा नहीं भारतीय संस्कृति के परंपरा को बुनते हैं। आपकी हर बुनाई में जो लगन और श्रम छिपा है वही हमारे देश के हाथ करघा उद्योग की असली पहचान है। भारत में हाथकरघा उद्योग न केवल देश का बड़ा कुटीर उद्योग है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा महत्वपूर्ण रोजगार प्रदाता क्षेत्र भी है। अवध देवांगन ने कहा कि भारत में बुनकर व्यवसाय एक प्राचीन और गौरवशाली परंपरा वाली व्यवसाय रही है। लाखों परिवार इस व्यवसाय से जुड़े हैं, लेकिन बाजार तकनीक और पूंजी की समस्याओं के तहत हाथकरघा व्यवसाय समस्याओं से संघर्ष कर रहा है। बुनकरों की सबसे बड़ी समस्या कच्चे माल की अनिश्चितता, पावरलूम से प्रतिस्पर्धा, कार्यशील पूंजी की कमी, आधुनिकता एवं प्रशिक्षण का अभाव है, जिसका समाधान आधुनिक करघो का उपयोग, कच्चे माल की उचित कीमत पर उपलब्धता, सरकारी योजनाओं का लाभ, प्रमाणन और ब्रांडिंग प्रमुख है। सी पी साहू ने अपने उद्बोधन में संघ के उद्देश्य, सहकारिता के महत्व, अर्थ व सिद्धांत के साथ ही समिति के निर्वाचन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को मंचस्थ अतिथियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जिले के बुनकर समितियों के सदस्य, पदाधिकारी व प्रबंधक गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संघ प्रबंधक ए पी गुप्ता एवं आभार प्रदर्शन अवध देवांगन ने किया।

