गंगरेल के द्वीप पर बसा रोमांच का नया संसार, धमतरी में पहली बार शुरू हुआ आइलैंड कैंपसाइट
एडवेंचर, नेचर और कम्युनिटी टूरिज्म के संगम से पर्यटन को मिली नई दिशा; विभिन्न राज्यों से पहुंचे पर्यटकों ने लिया अनूठे अनुभव का आनंद

धमतरी- छत्तीसगढ़ में पर्यटन के नए और अनुभव आधारित आयामों को विकसित करने की दिशा में धमतरी ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। गंगरेल बांध के विस्तृत जलक्षेत्र के मध्य स्थित द्वीप पर पहली बार आइलैंड कैंपसाइट विकसित किया गया है। प्राकृतिक सौंदर्य, जल पर्यटन, रोमांचक गतिविधियों और स्थानीय संस्कृति के समन्वय से तैयार यह अनुभव धमतरी में एडवेंचर टूरिज्म, नेचर टूरिज्म और कम्युनिटी टूरिज्म की संभावनाओं को नई पहचान दे रहा है।
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में गंगरेल क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के प्रयासों के क्रम में 17 एवं 18 सितंबर को टूर ऑपरेटर्स के लिए फेम ट्रिप (फॅमिलीरिजेशन ट्रिप ) आयोजित की गई। इस दौरान विभिन्न टूर ऑपरेटर्स ने गंगरेल बांध, इसके जलक्षेत्र, द्वीपों और आसपास के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक परिवेश का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। यात्रा का उद्देश्य पर्यटन से जुड़े विशेषज्ञों को धमतरी में उपलब्ध नए पर्यटन अनुभवों और संभावनाओं से परिचित कराना रहा।
गंगरेल का द्वीप बना रोमांच और प्रकृति के संगम का नया ठिकाना
फेम ट्रिप के दौरान गंगरेल का विशाल जलक्षेत्र, शांत प्राकृतिक वातावरण और जल के मध्य स्थित द्वीप विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। शहर की भागदौड़ से दूर खुले आसमान के नीचे प्रकृति के बीच समय बिताने का अनुभव पर्यटकों के लिए एक अलग तरह का आकर्षण प्रस्तुत करता है।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए 19 एवं 20 सितंबर को छत्तीसगढ़ की ट्रैवल कंपनी कैंप वन्स द्वारा गंगरेल के द्वीप पर 2 डेज –1 नाईट आइलैंड कैंपिंग एडवेंचर आयोजित किया गया। इस एडवेंचर ट्रिप में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा और तमिलनाडु से आए कुल 12 पर्यटकों ने सहभागिता की।
लगभग 40 मिनट की रोमांचक बोट यात्रा के बाद पर्यटक द्वीप पर पहुंचे। जल के बीच नाव से द्वीप तक पहुंचने का अनुभव ही इस यात्रा का पहला रोमांच बना। द्वीप पर पहुंचने के बाद पर्यटकों ने प्राकृतिक परिवेश, शांत वातावरण और आसपास की जैव विविधता का अनुभव किया।
नाइट कैंपिंग से स्टार गेजिंग तक, प्रकृति के बीच रोमांचक अनुभव
आइलैंड कैंपिंग के दौरान पर्यटकों के लिए नाइट कैंपिंग, ट्रेकिंग, फिशिंग, स्विमिंग, बोनफायर, आउटडोर कुकिंग, बर्ड वॉचिंग और स्टार गेजिंग जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। खुले प्राकृतिक वातावरण में कैंप लगाकर रात बिताना और तारों से भरे आकाश को निहारना पर्यटकों के लिए विशेष अनुभव रहा।
विशेष रूप से रात के समय शांत जलक्षेत्र के बीच कैंपिंग और खुले आसमान के नीचे बोनफायर ने इस यात्रा को यादगार बनाया। ओडिशा और तमिलनाडु से आए पर्यटकों ने भी गंगरेल के प्राकृतिक सौंदर्य और यहां विकसित किए जा रहे एडवेंचर टूरिज्म अनुभवों में रुचि व्यक्त की।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाएं
आइलैंड कैंपिंग जैसे अनुभव आधारित पर्यटन का महत्व केवल पर्यटकों को आकर्षित करने तक सीमित नहीं है। इससे स्थानीय समुदाय की भागीदारी और आजीविका के नए अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं। बोटिंग, स्थानीय गाइड, कैंप प्रबंधन, भोजन व्यवस्था, आतिथ्य, ट्रेकिंग और अन्य पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय युवाओं की सहभागिता से रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
इसके साथ ही पर्यटकों को स्थानीय समुदाय के जीवन, संस्कृति, खान-पान और परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलता है। इस प्रकार पर्यटन केवल किसी स्थल के भ्रमण तक सीमित न रहकर स्थानीय संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा अनुभव बनता है।
जिम्मेदार और प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा
गंगरेल में आइलैंड कैंपिंग की यह पहल जिम्मेदार, सुरक्षित और प्रकृति-सम्मत पर्यटन की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। प्राकृतिक स्थलों पर पर्यटन गतिविधियों के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जैव विविधता की सुरक्षा और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इसी दृष्टिकोण से विकसित पर्यटन मॉडल लंबे समय में पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय के लिए भी स्थायी लाभ का माध्यम बन सकता है।
धमतरी में गंगरेल जलाशय, द्वीपों, आसपास के प्राकृतिक परिदृश्य और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़कर नेचर एक्सप्लेरेशन , Raw कैंपिंग , एडवेंचर टूरिज्म और कम्युनिटी टूरिज्म के नए अनुभव विकसित किए जा सकते हैं।
गंगरेल से छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई संभावनाओं की दस्तक
आइलैंड कैंपसाइट की शुरुआत धमतरी में अनुभव आधारित पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने वाली पहल है। जल, जंगल और प्राकृतिक परिवेश से समृद्ध गंगरेल क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों के विस्तार से देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित किए जा सकते हैं।
धमतरी का गंगरेल अब केवल एक जलाशय के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति, रोमांच और स्थानीय जीवन के अनूठे संगम के रूप में अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आइलैंड कैंपिंग की यह शुरुआत जिले के पर्यटन क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और समुदायों के लिए पर्यटन आधारित आजीविका के नए द्वार खोलने की संभावना भी प्रस्तुत करती है।
