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भाजपा की नए प्रभारी स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ आगमन पर लेख राम साहू करेंगे तीखे सवाल

लेख राम साहू के तीखे सवालो अच्छे दिन कब आएंगे, महंगाई कब घटेगी? गैस सिलेंडर, रोजगार, किसानों की खाद और बिजली बिल पर मांगा जवाब

कुरूद। भारतीय जनता पार्टी की छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर कांग्रेस के कुरूद के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय समन्वयक, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस, नई दिल्ली लेख राम साहू ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी से मुलाकात का अवसर मिलने पर वे प्रदेश और देश की जनता से जुड़े इन मुद्दों पर सवाल करेंगे।
लेख राम साहू ने कहा कि आज आम आदमी महंगाई से परेशान है। उन्होंने सवाल किया कि लोगों के अच्छे दिन कब आएंगे और महंगाई कब कम होगी? गरीब परिवारों के खाते में 15-15 लाख रुपये कब आएंगे, गैस सिलेंडर 400 रुपये के आसपास कब मिलेगा, 13 रुपये किलो शक्कर कब मिलेगी और बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता कब मिलेगा?

पुराने प्रदर्शनों का हवाला देकर पूछा सवाल

लेख राम साहू ने स्मृति ईरानी के पुराने महंगाई विरोधी प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा कि यूपीए सरकार के समय जब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत करीब 400 रुपये के आसपास थी, तब भाजपा नेताओं ने महंगाई के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी भी उस समय गैस सिलेंडर लेकर प्रदर्शन करती नजर आई थीं।
उन्होंने कहा कि उस दौर में गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर स्मृति ईरानी का विरोध काफी चर्चित हुआ था। लेख राम साहू ने सवाल किया कि आज जब रसोई गैस की कीमत पहले की तुलना में काफी अधिक है, तो महंगाई के खिलाफ उसी तरह का विरोध प्रदर्शन अब क्यों दिखाई नहीं देता?
लेख राम साहू ने कहा कि वे स्मृति ईरानी से सीधे पूछेंगे कि जब पहले 50 रुपये की बढ़ोतरी पर भी सड़क पर उतरकर विरोध किया जाता था, तो आज आम परिवारों पर बढ़ते घरेलू खर्च के बीच भाजपा नेताओं का रुख क्या है?

सिलेंडर से लेकर खाने की थाली तक बढ़ा खर्च

पूर्व विधायक ने कहा कि आम परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजमर्रा के खर्च को संभालने की है। रसोई गैस, खाद्य तेल, सब्जियां, पेट्रोल-डीजल और बिजली के खर्च का असर सीधे परिवार के बजट पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि महंगाई को लेकर जनता जवाब चाहती है। उनका सवाल है कि रसोई गैस की कीमत में राहत कब मिलेगी, खाद्य वस्तुओं के दाम कब नियंत्रित होंगे और आम आदमी के घरेलू बजट को राहत कब मिलेगी?

किसानों की खाद को लेकर भी उठाया मुद्दा

लेख राम साहू ने किसानों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसान धान की फसल सहित अन्य कृषि कार्यों के लिए खाद पर निर्भर हैं। उनका आरोप है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार को जमीन पर ठोस कदम उठाने चाहिए। खाद, बीज, बिजली, सिंचाई और कृषि लागत जैसे मुद्दे सीधे किसान की आय से जुड़े हुए हैं।
पूर्व विधायक ने छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार की कृषि संबंधी नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसानों के हित में कई योजनाएं संचालित की गई थीं। उन्होंने वर्तमान सरकार से किसानों के लिए ठोस राहत और सुविधाओं को लेकर जवाब मांगा।

बिजली बिल को लेकर भी सरकार पर सवाल

लेख राम साहू ने बिजली के बढ़ते बिल को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि महीने के अंत में बिजली का बिल कितना आएगा, इसे लेकर आम परिवारों में चिंता बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि बिजली की दरों और बिलों से जुड़े मामलों में उपभोक्ताओं को राहत और पारदर्शिता मिलनी चाहिए। आम आदमी पहले ही रोजमर्रा की महंगाई से परेशान है, ऐसे में बिजली का बढ़ता खर्च परिवार के बजट पर अतिरिक्त दबाव डालता है।

बेरोजगारी पर पूछा—युवाओं का भविष्य कब बदलेगा?

लेख राम साहू ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रोजगार युवाओं के भविष्य से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने सवाल किया कि चुनावी वादों और घोषणाओं के अनुरूप युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर कब मिलेंगे?
उन्होंने कहा कि युवा नौकरी की तलाश में है, किसान अपनी उपज और खाद की चिंता कर रहा है तथा आम परिवार महंगाई से राहत की उम्मीद कर रहा है। सरकार को इन सभी वर्गों के सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

सिर्फ इंजन बदलने से जनता की समस्याएं खत्म नहीं होतीं

लेख राम साहू ने वर्तमान सरकार पर राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि सरकार में बदलाव और नेतृत्व परिवर्तन से ज्यादा जरूरी आम जनता के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसी योजनाएं और नीतियां चाहिए, जिनका लाभ सीधे उनके परिवार तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सरकार का मूल्यांकन इस बात से होना चाहिए कि आम आदमी, किसान, मजदूर, युवा और गरीब परिवार के जीवन में कितना बदलाव आया है।

उद्योग और आम जनता के बीच संतुलन की मांग

लेख राम साहू ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों में आम जनता के साथ-साथ बड़े उद्योगों और कारोबार से जुड़े हितों पर भी चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी, युवा और मध्यमवर्गीय परिवार प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन वर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता देना जरूरी है।
स्मृति ईरानी से पूछेंगे ये प्रमुख सवाल
लेख राम साहू ने कहा कि स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ आगमन पर वे जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि उनके सवाल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़े हैं।
उन्होंने मुख्य रूप से पूछा लोगों के अच्छे दिन कब आएंगे?
महंगाई कब कम होगी?
गरीब परिवारों के खाते में 15-15 लाख रुपये कब आएंगे?
गैस सिलेंडर 400 रुपये के आसपास कब मिलेगा?
शक्कर 13 रुपये किलो कब मिलेगी?
बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता कब मिलेगा?
किसानों को पर्याप्त यूरिया और डीएपी कब उपलब्ध होगी?
किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ठोस कार्ययोजना क्या है?
बढ़ते बिजली बिल से आम उपभोक्ताओं को राहत कब मिलेगी?

लेख राम साहू ने कहा कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट जवाब और जमीन पर दिखाई देने वाला बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी भाजपा की छत्तीसगढ़ प्रभारी के रूप में नई जिम्मेदारी संभाल रही हैं, इसलिए प्रदेश के इन प्रमुख मुद्दों पर उनका और भाजपा का पक्ष जनता के सामने आना चाहिए।उन्होंने कहा कि महंगाई, रोजगार, किसानों की खाद, बिजली बिल और घरेलू खर्च जैसे मुद्दे किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं। ये सीधे आम परिवारों के जीवन से जुड़े प्रश्न हैं और इन पर सरकार तथा राजनीतिक दलों को जनता के सामने अपना स्पष्ट पक्ष रखना चाहिए।

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