सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के 25 वर्ष : मोदी की 25 वर्षों की यात्रा जनसेवा की मिसाल
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस व जिला महामंत्री महेंद्र पंडित ने कहा सेवा समर्पण के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ता जनकल्याण के संकल्प को बढ़ा रहे आगे

धमतरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के 25 वर्षों के पड़ाव को भारतीय जनता पार्टी द्वारा सेवा भावना के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस एवं जिला भाजपा महामंत्री महेंद्र पंडित ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा देश के लिए निरंतर समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद नरेंद्र मोदी ने शासन और जनसेवा की यात्रा को आगे बढ़ाया। वर्ष 2014 से वे देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। जून 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4,399 दिनों की सेवा पूरी की, जिसके बाद वे भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा ही संगठन की भावना को प्राथमिकता देते हुए गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं भी जनसेवा को सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी बताया है। भाजपा जिला महामंत्री महेंद्र पंडित ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सेवा यात्रा केवल सत्ता के पदों की यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य करने की यात्रा है। आज भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता सेवा और समर्पण की भावना से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सेवा समर्पण अभियान के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ता समाज के विभिन्न वर्गों के बीच पहुंचकर जनकल्याण एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को गति दें। प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए संगठन और समाज को मिलकर आगे बढऩा होगा। प्रकाश बैस एवं महेंद्र पंडित ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का विषय है। उनका कहना है कि सेवा, सुशासन, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना ही इस अवसर की सार्थकता होगी।