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सरस्वती शिशु मंदिर भखारा में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक गायन कार्यक्रम

मुख्य वक्ता दीपक सिंह ठाकुर ने दिया उद्बोधन

 

भखारा- विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के मार्गदर्शन में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज पूरे प्रदेश के विद्यालयों में एक समय पर सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसी क्रम में सरस्वती शिशु मंदिर भखारा, जिला धमतरी में भी राष्ट्रभक्ति एवं देशप्रेम से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन एवं स्वागत के पश्चात राष्ट्रगान से हुआ। इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों, आचार्यों एवं उपस्थित अतिथियों ने एक साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती ज्योति हरक जैन, अध्यक्ष नगर पंचायत भखारा-भटेली, अध्यक्ष रामगोपाल देवांगन, अध्यक्ष प्रबंध कार्यकारिणी समिति तथा मुख्य वक्ता दीपक सिंह ठाकुर, प्रदेश युवाप्रमुख, हिंदू जागरण मंच छत्तीसगढ़ उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक भूपेंद्र यादव सहित विद्यालय परिवार एवं अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व, राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दीपक सिंह ठाकुर, प्रदेश युवाप्रमुख, हिंदू जागरण मंच छत्तीसगढ़ ने अपने संबोधन में वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वंदे मातरम् भारतीय जनमानस में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभावना को अभिव्यक्त करने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रगीत है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रप्रेम केवल किसी विशेष अवसर पर राष्ट्रगीत गाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारे दैनिक आचरण, कर्तव्य, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी में दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता यात्रा में वंदे मातरम् ने लोगों के भीतर एकता और स्वाधीनता की भावना को अभिव्यक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज इसके 150 वर्ष पूर्ण होने पर नई पीढ़ी के लिए यह अवसर केवल इतिहास को याद करने का नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय मूल्यों को समझने तथा उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर भी है। वंदे मातरम् के ऐतिहासिक योगदान और स्वतंत्रता आंदोलन से उसके संबंध को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने भी रेखांकित किया है।

विद्यार्थियों से किया राष्ट्रनिर्माण में योगदान का आह्वान

श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों से कहा कि आज का विद्यार्थी ही आने वाले भारत का नागरिक, नेतृत्वकर्ता और राष्ट्रनिर्माता है। इसलिए विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण, अनुशासन, संस्कार, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें अपने देश की विविधता को समझते हुए एकता, सद्भाव और परस्पर सम्मान की भावना को मजबूत करना चाहिए। भारत की शक्ति उसकी सांस्कृतिक विविधता और हजारों वर्षों से चली आ रही जीवन परंपरा में निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी भारतीय संस्कृति एवं गौरवशाली इतिहास का अध्ययन करने तथा अपने आचरण से समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं उपस्थित नागरिकों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 25 सितंबर 2026 को विद्या भारती के मार्गदर्शन में देशभर में बड़े स्तर पर सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किए गए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस अभियान को ‘नमामि भारतम्’ के रूप में व्यापक स्तर पर आयोजित किया गया और देशभर के हजारों स्थानों पर विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों एवं नागरिकों की सहभागिता रही।

सरस्वती शिशु मंदिर भखारा का यह आयोजन भी इसी व्यापक राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने सामूहिक स्वर में “वंदे मातरम्” का गायन कर इस ऐतिहासिक अवसर को स्मरणीय बनाया।कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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