आठ महीने से लंबित एलईडी लाइट लगाने का मामला, पार्षद कुशल लोढ़ा ने आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
निजी खर्च से एलईडी लाइट खरीदकर लगवाएंगे वार्ड में, पार्षद निधि से स्वीकृति की प्रक्रिया में देरी पर जताई नाराजगी
कहा निगम की अनदेखी से वार्ड के विकास कार्य हो रहे प्रभावित

धमतरी । नगर निगम धमतरी के पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड क्रमांक 10 में एलईडी लाइट लगाने का मामला लंबे समय से लंबित है। वार्ड पार्षद कुशल लोढ़ा (जैन) ने इस संबंध में नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि वार्ड में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 9 फरवरी 2026 को पार्षद निधि से एलईडी लाइट क्रय करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। लेकिन करीब आठ महीने बीत जाने के बाद भी इस मामले में न तो कार्यादेश जारी हुआ है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई है।
पार्षद ने ज्ञापन में कहा कि प्रकाश व्यवस्था में देरी के कारण वार्ड के विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं हो पा रही है। रात के समय अंधेरा रहने से वार्डवासियों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते वार्डवासियों की समस्याओं का समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन आवश्यक प्रक्रिया लंबित रहने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
निजी खर्च से एलईडी लाइट खरीदने की पहल
पार्षद कुशल लोढ़ा ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि मामले में बार-बार आग्रह करने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। वार्डवासियों को अंधेरे से राहत दिलाने और प्रकाश व्यवस्था में और अधिक विलंब नहीं होने देने के उद्देश्य से उन्होंने अपने निजी खर्च से एलईडी लाइट खरीदने की पहल की है। उन्होंने आयुक्त से अनुरोध किया है कि उनके द्वारा खरीदी जा रही एलईडी लाइटों को वार्ड में तत्काल स्थापित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया जाए।
लंबित प्रकरण की समीक्षा कर कार्रवाई की मांग
पार्षद ने 9 फरवरी 2026 से लंबित प्रकरण की समीक्षा करने और नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि वार्डवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त होने से लोगों को रात में आवागमन में सुविधा मिलेगी और अंधेरे के कारण होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकेगी।
निर्दलीय पार्षद होने के कारण हो रही उपेक्षा?
आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में पार्षद कुशल लोढ़ा की पीड़ा उजागर हुई है। जिसमें उन्होने उल्लेख किया है कि अत्यंत खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि मेरे द्वारा बार-बार आग्रह किए जाने के बावजूद संबंधित प्रकरण में अपेक्षित कार्यवाही नहीं की जा रही है। निर्दलीय पार्षद होने के कारण मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मेरे द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों एवं वार्ड के विकास से संबंधित कार्यों को अपेक्षित गंभीरता एवं सम्मान नहीं दिया जा रहा है। इस प्रकार की स्थिति से न केवल वार्ड के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि मुझे भी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्री लोढ़ा के इन वाक्यो से सवाल उठ रहे है कि क्या निगम में निर्दलीय पार्षदों को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया जा रहा है?
