निदान शिविर से मेनका की जिंदगी में लौटी सुनने की उम्मीद, अब पढ़ाई की राह होगी आसान
कान की मशीन मिलने से मिली राहत, जिला प्रशासन और महावीर सेवा संस्थान के प्रति जताया आभार

धमतरी- सुनने में परेशानी किसी की पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी को कितना प्रभावित कर सकती है, इसका अनुभव मेनका विश्वकर्मा लंबे समय से कर रही थीं। सुनने में कठिनाई के कारण उन्हें पढ़ाई करने में भी परेशानी होती थी, लेकिन निदान शिविर में कान की मशीन मिलने से अब उनकी मुश्किलें कम होने की उम्मीद जगी है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में आयोजित निदान शिविर में पहुंचीं मेनका विश्वकर्मा ने अपना पंजीयन कराया और आवश्यक सहायता प्राप्त की। कान की मशीन मिलने से अब उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ दैनिक कार्यों को करने में भी सहूलियत मिलेगी। इससे उनकी दिनचर्या आसान होने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
मेनका ने बताया कि सुनाई नहीं देने के कारण उन्हें पढ़ाई के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब कान की मशीन मिलने से वे पहले की तुलना में बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकेंगी और अपने अन्य कार्य भी आसानी से पूरे कर पाएंगी।
मेनका के लिए यह सहायता केवल एक उपकरण मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर ढंग से पढ़ने, समझने और सामान्य जीवन में सक्रिय भागीदारी निभाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस सहयोग के लिए जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और महावीर सेवा संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।
निदान शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों और जरूरतमंदों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। मेनका की कहानी इस बात का उदाहरण है कि समय पर मिली सहायता किसी के जीवन को अधिक सहज और संभावनाओं से भरपूर बना सकती है।