नवरात्रि के पावन अवसर पर महाराणा प्रताप पैलेस एवं रिसॉर्ट द्वारा आयोजित भव्य रास गरबा सीजन-5 का आयोजन
दीपक सिंह ठाकुर ने सनातनी प्रतिभागियों को किया संबोधित

धर्मांतरण के विरुद्ध जागरूकता, सनातन संस्कृति के संरक्षण और गरबा की आध्यात्मिक महत्ता पर दिया संदेश
धमतरी। नवरात्रि के पावन अवसर पर महाराणा प्रताप पैलेस एवं रिसॉर्ट, धमतरी द्वारा आयोजित ह्यरास गरबा सीजन-5ह्ण इनडोर स्टेडियम आमातालाब रोड में भक्ति, उत्साह, उल्लास और सनातन संस्कृति की अनुपम छटा देखने को मिली। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, मां दुर्गा की आराधना, गरबा एवं डांडिया नृत्य और भक्तिमय वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सनातनी प्रतिभागियों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिंदू जागरण मंच के छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयाम प्रमुख दीपक सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। उनके साथ हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक पुरुषोत्तम निषाद, जिला सहसंयोजक चित्रेश साहू एवं डागेश्वर साहू सहित अनेक गणमान्यजन एवं युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर दीपक सिंह ठाकुर का सम्मान किया गया। इसके पश्चात उन्होंने उपस्थित सनातनी प्रतिभागियों, श्रद्धालुओं एवं भक्तगण को संबोधित करते हुए धर्म, संस्कृति, धार्मिक स्वतंत्रता और सनातन परंपराओं के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। उनके संबोधन में विशेष रूप से धर्मांतरण के प्रति जागरूकता, प्रलोभन के माध्यम से धार्मिक परिवर्तन के प्रयासों से सावधान रहने तथा अपनी मूल धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सजग रहने का संदेश प्रमुख रहा।
दीपक सिंह ठाकुर ने धर्मांतरण के प्रति किया जागरूक, प्रलोभन से सावधान रहने की अपील
दीपक सिंह ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि धर्म व्यक्ति की आस्था, साधना, संस्कार और जीवन मूल्यों से जुड़ा विषय है। यदि किसी व्यक्ति को धन का लालच देकर, चिकित्सा सुविधा, शिक्षा अथवा अन्य लाभों का प्रलोभन देकर उसकी धार्मिक आस्था को प्रभावित करने और उसे अपनी मूल उपासना-पद्धति से दूर कर किसी अन्य धर्म की प्रार्थना-पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है, तो ऐसे मामलों के प्रति समाज को जागरूक रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि धर्म के विषय में किसी भी व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा, आस्था और सम्मान का ध्यान रखना आवश्यक है। किसी भी प्रकार के अनुचित दबाव अथवा प्रलोभन के माध्यम से धार्मिक परिवर्तन कराने के प्रयासों के संबंध में लोगों को जानकारी रखनी चाहिए और यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो उसकी सूचना निकटतम पुलिस थाने अथवा संबंधित सक्षम प्राधिकारी को देनी चाहिए, ताकि मामले की जांच कानून के अनुसार की जा सके।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण से संबंधित कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों को अपने कानूनी अधिकारों एवं लागू प्रावधानों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2026 का उल्लेख किया और कहा कि धर्मांतरण से जुड़े मामलों में लागू कानून के अनुसार कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि किसी भी संवेदनशील मामले में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय वैधानिक प्रक्रिया का पालन करें तथा प्रशासन को सूचित करें।
श्री ठाकुर ने स्पष्ट किया कि सभी धर्मों, उनके गुरुओं, इष्टदेवों, आराध्यों और धार्मिक मान्यताओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी धर्म या उसके अनुयायियों के प्रति नहीं, बल्कि प्रलोभन अथवा अनुचित माध्यमों से कराए जाने वाले धर्मांतरण के विरुद्ध है। धार्मिक सद्भाव बनाए रखते हुए अपनी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूक रहना प्रत्येक समाज के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जिस धर्म, परिवार और संस्कारों के वातावरण में व्यक्ति का जन्म होता है, उन परंपराओं को समझना, उनके मूल्यों को जानना और विवेकपूर्वक जीवन में अपनाना आवश्यक है। धर्म का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को सदाचार, सेवा, करुणा, अनुशासन और आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ाना है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी धार्मिक परंपराओं के प्रति सजग रहते हुए समाज में जागरूकता फैलानी चाहिए।
गरबा केवल नृत्य नहीं, मां आद्याशक्ति की आराधना का प्रतीक : दीपक सिंह ठाकुर
दीपक सिंह ठाकुर ने नवरात्रि में आयोजित गरबा की आध्यात्मिक महत्ता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गरबा भारतीय सनातन संस्कृति की ऐसी परंपरा है, जिसमें कला, भक्ति, साधना और सामूहिक उत्सव का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा करना केवल मनोरंजन अथवा नृत्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक भाव निहित है।
उन्होंने बताया कि गरबा परंपरा में छिद्रयुक्त मिट्टी के घड़े, जिसे गरबा या गरबी कहा जाता है, के भीतर दीप प्रज्वलित किया जाता है। यह दीप जीवन में विद्यमान चेतना, प्रकाश और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। मां आद्याशक्ति की उपासना करते हुए गरबा करना श्रद्धा, समर्पण और भक्ति की अभिव्यक्ति है। दीपक के प्रकाश के चारों ओर लयबद्ध होकर नृत्य करना सामूहिक ऊर्जा, आस्था और आध्यात्मिक एकाग्रता का भाव प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि मां दुर्गा की शक्ति, साहस और धर्म की स्थापना का पर्व है। ऐसे अवसरों पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने, धार्मिक-सांस्कृतिक मूल्यों को समझने और समाज में एकता की भावना विकसित करने का माध्यम बनते हैं। गरबा जैसे आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति के प्रति गर्व का अनुभव कराते हैं और पारंपरिक परिधानों, संगीत, नृत्य एवं देवी आराधना के माध्यम से सनातन परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं।
श्री ठाकुर ने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे गरबा एवं डांडिया जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में उत्साह के साथ भाग लेते हुए इनके आध्यात्मिक पक्ष को भी समझें। उन्होंने मां दुर्गा की आराधना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता को जीवन में महत्व देने का संदेश दिया।
रास गरबा सीजन-5 में दिखा उत्साह और सांस्कृतिक एकता का संगम
महाराणा प्रताप पैलेस एवं रिसॉर्ट द्वारा आयोजित रास गरबा सीजन-5 में नवरात्रि की पारंपरिक गरिमा के साथ आधुनिक आयोजन व्यवस्था का सुंदर समन्वय देखने को मिला। आकर्षक मंच सज्जा, रंग-बिरंगे परिधान, पारंपरिक गरबा एवं डांडिया की धुनों और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक नृत्य के माध्यम से अपनी कला और उत्साह का प्रदर्शन किया।
इस प्रकार के आयोजन सामाजिक मेल-मिलाप, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान को बढ़ावा देते हैं। नवरात्रि में आयोजित गरबा कार्यक्रम परिवारों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर सामूहिक उत्सव की भावना को मजबूत करते हैं। रास गरबा सीजन-5 भी इसी भावना के साथ श्रद्धा, संस्कृति और उल्लास का केंद्र बना।
हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी एवं युवा कार्यकर्ताओं की रही सहभागिता
कार्यक्रम में हिंदू जागरण मंच के छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयाम प्रमुख श्री दीपक सिंह ठाकुर के साथ जिला संयोजक पुरुषोत्तम निषाद, जिला सहसंयोजक चित्रेश साहू एवं डागेश्वर साहू उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त अभिषेक साहू, राजा, सौरभ सोनी, मोहनीश मत्स्यपाल, राहुल डागा, हर्ष नैनानी, दीपांशु, चैतन्य एवं आयुष दिवान सहित अन्य गणमान्यजन और युवा साथी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सभी उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने नवरात्रि के इस सांस्कृतिक आयोजन में सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मंच पर सम्मान एवं संबोधन के माध्यम से धर्म, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विचारों को साझा किया गया।
ओम लक्ष्मी फाउंडेशन की टीम के प्रयासों की सराहना
रास गरबा सीजन-5 के सफल संचालन में ओम लक्ष्मी फाउंडेशन की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के संचालन एवं व्यवस्थाओं से जुड़े वेदप्रकाश साहू, अविनाश दुबे, सोहन, पुखराज साहू, विकास, गौरव मगर, पवन गजपाल, मिथलेश, शुभम एवं अमन राव सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने आयोजन को व्यवस्थित रूप देने में योगदान दिया।
कार्यक्रम के दौरान दीपक सिंह ठाकुर ने आयोजन से जुड़ी टीम के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में जागरूकता, एकता और सनातन परंपराओं के प्रति सम्मान बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
नवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित रास गरबा सीजन-5 ने भक्ति, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा की आध्यात्मिक महत्ता और धर्म-संस्कृति के प्रति सजग रहने का आह्वान इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे। दीपक सिंह ठाकुर का संबोधन कार्यक्रम का विशेष केंद्र रहा, जिसमें उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता, प्रलोभन के माध्यम से धर्मांतरण के प्रति सतर्कता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।