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अर्नब चक्रवात से हो रहा बारिश से जिले के बांधो में बढ़ी पानी की आवक

गंगरेल बांध में आवक 5904 से बढ़कर हुई 17858 क्यूसेक, दुधावा, मुरुमसिल्ली, सोंढुर बांध में भी आवक में हुई बढ़ोत्तरी

प्रशासन द्वारा भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जारी किया गया है सुरक्षा अलर्ट

धमतरी। जिले में अर्नब चक्रवात के चलते बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन धमतरी ने नागरिकों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की है। प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, मौसम की स्थिति और जलाशयों संभावित पानी की आवक को देखते हुए रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) से आपात स्थिति में भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा सकता है। जारी सूचना में 29 अक्टूबर 2026 को सुबह 7 बजे की जलाशय स्थिति के अनुसार, रविशंकर सागर बांध का पूर्ण जलाशय स्तर 348.70 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर 345.28 मीटर दर्ज किया गया है। बांध में पानी की आवक 17,858 क्यूसेक बताई गई है, जो कि एक दिन पहले तक 5904 क्यूसेक था। वर्तमान में बांध में लगभग 22 टीएमसी जल भराव है। जिसमें उपयोगी जल भराव लगभग 17 टीएमसी है। तथा इसकी भराव क्षमता 62.14 प्रतिशत है। इसी प्रकार, दुधावा बांध का वर्तमान जलस्तर 423.65 मीटर, पानी की आवक 2,591 क्यूसेक है, जो कि पहले 209 क्यूसेक थी और भराव क्षमता 78.86 प्रतिशत बताई गई है। मुरुमसिल्ली बांध का जलस्तर 374.95 मीटर, बांध में आवक शून्य था जो अब 254 क्यूसेक है। और भराव क्षमता 80.69 प्रतिशत है। वहीं, सोंढूर बांध का जलस्तर 469.77 मीटर, पानी की आवक 544 क्यूसेक है जो पहले मात्र 20 क्यूसेक प्रतिसेकंड था और भराव क्षमता 83.45 प्रतिशत दर्ज की गई है।
जलस्तर बढऩे पर पानी छोडऩे की संभावना
प्रशासन की चेतावनी के मुताबिक, यदि भारी बारिश के कारण जलाशयों में पानी की आवक बढ़ती है और जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है, तो रविशंकर सागर बांध से किसी भी समय अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा सकता है। ऐसी स्थिति में नदी-नालों के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी, नालों, पुल-पुलियों और तेज जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। निचले एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी रखें। परिवार के सदस्यों, बच्चों, बुजुर्गों और पालतू पशुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और सूचनाओं का पालन करने के साथ ही तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। जलभराव वाली सड़कों, पुलों और रपटों पर वाहन लेकर जाने से भी परहेज करने को कहा गया है।
धान, दलहन-तिलहन और सब्जियों की फसल पर बढ़ा खतरा

चक्रवाती तूफान अर्नब से हो रही वर्षा व तेज हवाओं का धमतरी जिले से पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की फसल पर विपरित प्रभाव पड़ रहा है। धान व अन्य फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। वर्तमान में धान की फसल तैयार है ऐसे में तेज हवाओं व बारिश से धान की बालियां झड़ सकती है। फसल सड़ सकती है। इसके अतिरिक्त मक्का दलहन-तिलहन पर भी बेमौसम बारिश कहर ढा सकता है। टमाटर, भिंडी, मिर्च सहित अन्य सब्जियों की खेतो में पानी भर जाने से पौधे सड़ सकते है। जिससे सब्जियों व फसल के दाम बढ़ सकता है यह आने वाले दिनों में मंहगाई का कारण बन सकता है।
जिले के स्कूलों में आज भी अवकाश घोषित

मौसम विभाग द्वारा बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्नबÓ को लेकर जारी चेतावनी के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने जिले के समस्त शैक्षणिक संस्थानों में एक दिवसीय अवकाश की घोषणा की है। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, धमतरी द्वारा जारी आदेश के अनुसार विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में कठिनाई होने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसे देखते हुए आज भी गुरुवार को धमतरी जिले के समस्त शैक्षणिक संस्थानों (शासकीय/ अशासकीय/ अनुदान प्राप्त) में एक दिवस का अवकाश घोषित किया गया था।

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