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चार साल में सामान्य सभा की सिर्फ तीन बैठक, विपक्षी पार्षदों ने पास किया निंदा प्रस्ताव

जातिगत प्रमाण पत्र के लिए 147 आवेदन लंबित, छात्र-छात्राओं को हो रही परेशानी

धमतरी। नगर निगम के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल लगभग 4 साल होने को जा रहा है और इस अवधि में सामान्य सभा की मात्र तीन बैठक हुई है, जबकि 147 छात्र-छात्राओं के जातिगत आवेदन सहित बुनियादी सुविधाओं एवं अन्य मुद्दों के लिए बैठक आयोजित कर नगर हित को गति दी जा सकती थी। इस पर रोष व्यक्त करते हुए विपक्ष के पार्षदगणों ने कहा है कि हम सभी जनप्रतिनिधियों के लोकतंत्र में प्रदत अधिकारों का हनन हुआ है। शासन के आदेश का पालन करते हुए विधिवत सामान्य सभा की बैठक करते हुए छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारना था। निगम के नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा महापौर को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि उनमें साहस है तो स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण एवं आवश्यक जनहित के कार्य पर ही विशेष बैठक बुलाकर भ्रष्टाचार के संबंध में बहस कर ले पूरी प्रामाणिकता के साथ सदन के माध्यम से जनता के सामने दूध का दूध पानी का पानी कर देंगे। निगम प्रशासन द्वारा सामान्य सभा की बैठक न करने पर निंदा प्रस्ताव पास कर राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया गया, जिसमे पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा, धनीराम सोनकर, बिशन निषाद ,दीपक गजेंद्र, श्यामलाल नेताम प्रकाश सिन्हा हेमंत बंजारे विजय मोटवानी अज्जू देशलहरे, मिथिलेश सिन्हा ,ईश्वर सोनकर, प्राची सोनी ,सरिता आसाई श्यामा साहू ,सुशीला तिवारी ,रश्मि दिवेदी ,नीलू डागा,रितेश नेताम, शामिल हैं।

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