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शहर में चाकूबाजो और नशेड़ी युवकों के बढ़े हौसले

खुलेआम नशाखोरी और चाकू, ब्लेड लेकर घूमते हैं असामाजिक तत्व

पुलिस औचक जांच करें तो कई संदिग्ध युवक आ सकते हैं गिरफ्त में
धमतरी. त्योहारी सीजन और आगामी विधानसभा चुनाव के मददेनजर एसपी प्रशांत ठाकुर के मार्गदर्शन और निर्देश पर जिला पुलिस द्वारा लगातार पुलिसिंग को बेहतर बनाने और चुनावी तैयारी में जुटा हुआ है लेकिन इन सब के बाद भी एक वर्ग ऐसा है जो की पुलिस से बेखबर होकर लोगों में दहशत फैला रहा है। बता दे कि शहर में गंजेडिय़ों और गोलीबाज नशेड़ी युवको की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है लगभग हर मोहल्ले में ऐसे युवकों का ग्रुप नजर आ जाता है आसमाजिकतत्वों द्वारा खुले आम सड़क पर पेड़ के नीचे, तालाबों के किनारे और धार्मिक पंडालो के सामने गांजा फ़ूकते रहते हैं उक्त युवकों द्वारा अपने पास हमेशा धारदार हथियार रखा जाता है और तो और शरीर में छुपा कर ब्लड भी रखा जाता है और मामूली बात पर किसी पर भी वार कर देते हैं। कुछ दिन पूर्व की बात है एक नामी गंजेड़ी वह बदमाश युवा द्वारा एक टीनएज कामकाजी युवक को गले पर बीच सड़क में चाकू टिका दिया गया। युवक के हाथ पैर जोडऩे और गिड़गिड़ाने के बाद उसकी जान बची। ऐसे कई घटनाएं हथियार लहराते आदि के होते रहते हैं। लोग दुश्मनी आदि के डर से इसकी शिकायत पुलिस में नहीं करते जिससे उनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि पुलिस को एक वृहद जांच अभियान चलाना चाहिए और संदिग्ध स्थानो पर बैठे युवक की तलाशी लेनी चाहिए और उनके पास गांजा या अन्य नशे के समान, हथियार बरामद हो तो तत्काल कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इसी प्रकार शहर के किसी भी मार्ग में अचानक औचक जांच अभियान चलाया जाये इसमें में कई बदमाश पकड़ में आ सकते है। इससे उनमें पुलिस कार्रवाई का डर उत्पन्न होगा। साथ ही शहर का माहौल भी सुधरेगा।


गांजा पर रोक नहीं
चर्चा है कि शहर के कुछ वार्डो में पिछले कई वर्षो से 4-5 चर्चित लोगों द्वारा गांजा बेचा जाता है। इसकी चर्चा गजेड़िय़ों द्वारा होती रहती है। कई लोगों को विक्रेताओं के नाम और पते कंठस्थ है लेकिन विडम्बना है कि पुलिस इससे अंजान है। आखिरी बार डीएसपी सारिका वैद्य द्वारा टीम बनाकर शहर के एक गांजा विक्रेता पर कार्रवाई की गई ती। उसके बाद से दूसरी ऐसी कार्रवाई अब तक नहीं हो पाई है। यदि ऐसी कार्रवाई निंरतर हो तो गांजा बिक्री पर रोक लग पायेगा और शहर के युवा जो नशे के गर्त में जा रहे है बच सकते है और शहर में अपराधो का ग्राफ घट सकता है।

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