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बढ़े हुए बिजली बिल से उपभोक्ता हुए परेशान

डेढ़ माह का औसतन बिल सुरक्षा निधि के रुप से जुड़ा के बिल के साथ, एक साथ बिल जमा करने उपभोक्ताओं की बढ़ी दिक्कते

हर साल अधिक खपत वाले माह के डेढ़ माह का बिल सुरक्षानिधि एडवांस में लेने का है प्रावधान
धमतरी। हर महीने की तरह ही इस महीने बिल आपरेटरो द्वारा घर-घर पहुंचकर बिजली बिल उपभोक्ताओं को थमाया जा रहा है। लेकिन जैसे ही उपभोक्ता बिल का अमाउंट देखता है वैसे ही उसके होश उड़ रहे है। कई गुणा ज्यादा बिल से उपभोक्ता परेशान हो रहे है।
बता दे कि यह कोई नया अधिभार या बढ़ा हुआ चार्ज नहीं है जिसके कारण बिजली बिल अचानक बढ़ गया है। दरअसल छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी द्वारा हर साल अतिरिक्त सुरक्षा निधि एडवांस में उपभोक्ताओं से वसूलती है। इसके तहत एक निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाती है। जिसमें हर वर्ष 12 महीने के उपयोग किये गये बिजली के अधिकतम बिल वाले माह की डेढ़ माह का अतिरिक्त बिल अक्टूबर में अतिरिक्त सुरक्षा निधि के रुप में ली जाती है। और जिस उपभोक्ता का खपत बढ़ता है उन्ही से अतिरिक्त सुरक्षा निधि गणना कर ली जाती है। वहीं जिनकी खपत कम बढ़ी हुई होती है उनके पुराने सुरक्षा निधि की शेष राशि को मैनेज करने अंतर की राशि ली जाती है। इसके गणना प्रचलित ट्रैरिफ के आधार पर नियमानुसार पहले से जमा सुरक्षा निधि को घटाकर की जाती है। जितनी राशि का अंतर होता है उतनी अतिरिक्त सुरक्षा निधि की देयता बनती है। वार्षिक औसत खपत का न्यूनतम डेढ़ माह की सुरक्षा निधि लेने का प्रावधान है। अलग-अलग उपभोक्ताओं का कनेक्टेड लोड अलग-अलग होता है। इसलिए सुरक्षा निधि अलग-अलग होता है।
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार विद्युत सप्लाई व खपत एक पोस्ट पेड प्रक्रिया है पहले उपभोक्ता द्वारा विद्युत का उपयोग किया जाता है उसके बाद खपत के अनुसार बिल उपभोक्ता को दिया जाता है। ऐसे में कई बार कुछ उपभोक्ता द्वारा बिल नहीं पटाया जाता ऐसे में सुरक्षा निधि के रुप में एडवांस में जमा राशि से बिल को एरजेस्ट किया जाता है। बता दे कि सुरक्षा निधि की राशि पर विभाग द्वारा ब्याज भी दिया जाता है।


जानकारी के अभाव में लोग पहुंच रहे विद्युत दफ्तर
कई उपभोक्ताओं की विभाग द्वारा हर साल निर्धारित प्रक्रिया के तहत ली जाने वाली अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि की जानकारी नहीं है। जिसके चलते एकाएक बढ़े हुए बिजली बिल को देख कर उनके होश उड़ रहे है। कई उपभोक्ताओं को मीटर में खराबी की आंशका है तो कई उपभोक्ता इसे गलत रीडिंग मानकर विद्युत विभाग के दफ्तर भी पहुंच रहे है। और खपत कम होने पर भी बिल ज्यादा आने की शिकायत कर रहे है। इस पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं को सुरक्षा निधि की जानकारी दी जा रही है।

”नियमानुसार साल भर में अधिक खपत वाले माह के बिल का डेढ़ गुणा अतिरिक्त सुरक्षा निधि के रुप में लिया जाता है यह सभी उपभोक्ताओं से नही लिया जाता जिनका विद्युत खपत घटता है उन्ही से सुरक्षा निधि ली जाती है ÓÓ
विकेश शर्मा
ईई, विद्युत विभाग धमतरी संभाग।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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