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शहर में तेजी से बढ़ रहा देह व्यापार का काला कोराबार

कई महिला पुरुष दलाल सालों से है सक्रिय, मोबाईल पर फोटो भेज कर लेते है सौदा पक्का

पुलिस की नाक के नीचे सालों से हो रहा देह व्यापार, बड़े शहरों से आती है लड़कियां
धमतरी । जिले में देह व्यापार तेजी से फल फुल रहा है। पिछले कुछ सालों में यह अवैध कार्य काफी तेजी से बढ़ा है। यह पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी नाकामी है। अब तो स्थिति ऐसी हो गई है कि इस कार्य में लगे लोगो ंको कार्रवाई का भी डर नहीं रह गया है। उल्लेखनीय है कि जिले में विशेषकर धमतरी शहर में देह व्यापार सबसे ज्यादा हो रहा है। इस कार्य में कुछ महिलाएं व पुरुष सालों से लगे हुए है। अब वे इतने चर्चित हो चुके है कि कई युवाओं के पास दलालों के नाम व नम्बर है। चौक चौराहो पर इन दलालों व उनकी लड़कियों की चर्चा होती रहती है। लेकिन यह विडम्बना है कि पुलिस अंजान है या कहे जानकर अंजान है। सूत्रों की माने तो दलालों द्वारा बकायदा व्हाट्असप में ग्राहकों की रेगुलर फोटो भेजा जाता है यदि किसी ग्राहक को लड़की पसंद आ जाये तो आगे कि बात होती है। कई बार ग्राहकों द्वारा कुछ विशेष डिमांड भी होती है जिसे दलालों द्वारा पूरा किया जाता है। जैसे विशेष एज ग्रुप या अन्य देशों की लड़कियां। धमतरी में भी बड़े शहरों की लड़कियां सप्लाई होती रहती है। जिससे दलाल मोटा मुनाफा कमाते है।
कुछ होटलों की है मिलीभगत
इस कार्य में कुछ होटलों, लॉजो की भी मिलीभगत है। वैसे तो सामान्यत: किसी होटल में ठहरने के लिए सभी व्यक्तियों को पूरा एड्रेस पु्रफ देना पड़ता है। लेकिन इन होटलों में रेगुलर कस्टमरो को छूट है। यहां बिना किसी एड्रेस प्रुफ के कमरा दे दिया जाता है। कुछ घंटे या रात भर के लिए मनमाना किराया वसूला जाता है। यदि पुलिस बारीकी से इन होटल, लॉजो की जांच करे तो कई तथ्य सामने आ सकते है।
कई संभ्रात परिवार के युवक हो रहे है बर्बाद
देह व्यापार के इस काले कारोबार में फंसकर कई टीनेज और युवा जो कि अच्छे संभ्रात परिवार से है स्कूल कालेजो के छात्र है अपना वर्तमान और भविष्य बर्बाद करने पर तुले हुए है। वे गरमगोश की लत में पड़ चुके है। और घरों से पैसे चुराकर, उधार लेकर धमतरी के अतिरिक्त रायपुर, भिलाई सहित अन्य स्थानों में सेक्स खरीदने जाते रहते है। इससे उनका मन पढ़ाई व भविष्य से भटकता है। ज्यादा उधार व गलत लत में पडऩे के कारण अपराध को भी अंजाम देते है। ऐसे में पुलिस के साथ ही परिजनों को भी बच्चों की गतिविधियों पर पैनी निगाह रखना आवश्यक हो गया है।

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