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गंगरेल के 7 टापुओं में नहीं हो पाया पर्यटन का विकास

सर्वे टीम की रिपोर्ट के बाद शासन को भेजा गया था प्रस्ताव, लेकिन नहीं मिल पाई स्वीकृति

सुविधायें बढऩे से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा. राज्य व देश के पर्यटकों की बढ़ेगी संख्या
धमतरी । प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा बांध गंगरेल में प्रकृति ने विशेष इनायत बख्शी है। यहां की खूबसूरती, प्राकृतिक माहौल से लोग मंत्रमुग्ध हो जाते है। यहां साल भर पर्यटकों का आवागमन होते रहता है। यदि यहां पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाये तो निश्चित ही पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। बता दे कि गंगरेल बांध की जल संग्रहण क्षमता 32.150 टीएमसी है। इस बांध से सिंचाई बीएसपी, पेयजल, विद्युत उत्पादन जैसे कार्य भी होते है। बांध के चारो ओर खूबसूरत वादियां है बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में कई टापु है। जिनमें से 7 टापु ऐसे है जो कि मुख्य बांध से व अन्य टापुओं से सामान्य दूरी पर है। इन टापुओं में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर इसे गंगरेल के पर्यटन से जोड़ा जा सकता है। इसकी मांग काफी समय से हो रही है दो साल पूर्व इस ओर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया इसके बाद दिल्ली मुबंई की विशेषज्ञो की टीम गंगरेल पहुंची सभी 7 टापुओं का मुआयना किया एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को दिया जिसे प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया इसके बाद आगे की प्रक्रिया अटक गई। अब तक शासन से इस प्रस्ताव को स्वीकृति का इंतजार है यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है तो गंगरेल के पर्यटन में चार चांद लग जायेंगे। यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी वृद्धि हो सकती है। बता दे कि गंगरेल बांध में वैसे तो कई टापु है लेकिन जिन 7 टापुओं में पर्यटन विकास की संभावनायें बताई जा रही है उनमें ठेमली टापु, गांधी मंदिर सटियारा टापु, नकटी देव टापु, रामटेकरी टापु, नंगारा टापु, ठेमसरा टापु, कोसमी गुंडरा टापु शामिल है।


एडवेंचरेस होगा पर्यटन
शहरवासी सोनू वाधवानी, आकाश खरे, अमित ठाकुर ने चर्चा के दौरान कहा कि गंगरेल बांध में पर्यटन के विकास की अपार संभावनायें है। यदि उक्त 7 टापुओं को गंगरेल के पर्यटन से जोड़कर सुविधाओं का विस्तार किया जाये तो यहां का पर्यटन भी ऐडवेंचरेस होगा। अभी यहां एडवेंचर के नाम पर सिर्फ बोटिंग है। लेकिन टापुओं में पर्यटन से पर्यटकों को ट्रैकिंग का अवसर मिलेगा। अथाह पानी के बीच टापु पर समय बीताना न सिर्फ धमतरी वासियों के लिए बल्कि प्रदेश वासियों के लिए रोमांचित करने वाला अनुभव होगा।
बन सकता है छत्तीसगढ़ का सबसे आकर्षक टूरिस्ट प्लेस
बता दे कि न सिर्फ गंगरेल बांध बल्कि बांध के आसपास का क्षेत्र में खूबसूरती में कम नहीं है। बांध के सभी 7 टापु एकदूसरे के कम अंतराल में स्थित है यदि यहां तक आने के लिए बोटिंग, नाव की व्यवस्था कर दी जाए साथ ही टापुओं पर कैंटिंन ट्रैकिंग की सुविधा दी जाए, रिसार्ट आदि बनाया जाये तो निश्चित ही गंगरेल बांध छत्तीसगढ़ का सबसे आकर्षक टूरिस्ट प्लेस बन सकता है।

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