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कब्जा व व्यवस्थापन के चलते धमतरी में पिछड़ा बड़ी रेल लाईन का काम

न निगम कब्जाधारियों का व्यवस्थापन कर पा रही है और न ही रेल्वे प्रशासन कब्जा खाली

दशकों की मांग के बाद स्वीकृत हुआ है धमतरी से केन्द्री तक रेल लाईन हेतु 544 करोड़ स्वीकृत
धमतरी । दशकों की मांग के बाद आखिरकार धमतरीवासियों को बड़ी रेलाईन की सौगात 2011-12 में मिली। इसके बाद काम शुरु होने में सालों लग गये। अब काम पूरा होने में ज्यादा समय लगने की आंशका है। दरअसल रेल्वे द्वारा कार्य तो तेजी से कराया जा रहा है। अभनपुर की ओर से काम तेजी से हो रहा है। जबकि धमतरी की ओर से काम में देरी हो रही है। इसका प्रमुख कारण कब्जा व व्यवस्थापन का मुद्दा है। बता दे कि सालों से रेल्वे की जमीन पर लोगों द्वारा झोपड़ी व मकान बनाकर निवास किया जा रहा है। अब जब बड़ी रेल लाईन का निर्माण होना है तो रेल्वे प्रबंधन द्वारा कब्जा खाली करने का नोटिस जारी किया गया लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी रेल्वे कब्जा खाली कराने में नाकाम रहा है। कई बार अंतिम नोटिस व अंतिम समय दिया जा चुका है। बता दे कि रेल्वे कब्जाधारियों में ज्यादातर गरीब तबके के लोग है जिनके बाद सिर छुपाने और कोई स्थान नहीं है। ऐसे में उनके समक्ष परिवार सहित बेघर होने की स्थिति निर्मित हो गई है। उनके द्वारा लगातार व्यवस्थापन की मांग की जा रही है। लेकिन निगम द्वारा अधूरे बहुमंजिला पीएम आवास का निर्माण पूर्ण होने के बाद व्यवस्थापन की बात कह रही है। ऐसे में कब्जा और व्यवस्थापन के बीच रेल्वे का काम प्रभावित हो रहा है। शहरवासी मांग कर रहे है कि जल्द से जल्द बड़ी रेल लाईन का कार्य पूर्ण कर जनता को ब्राडगेज की सौगात दी जाये।


बता दे कि धमतरी से केन्द्री तक 67.20 किलोमीटर तक बड़ी रेल लाईन की स्वीकृति दी गई है। जिसकी लागत 543.93 करोड़ है। इसमें सिविल इंजीनियरिंग कार्य के लिए 436.40 करोड़, इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग कार्य हेतु 66.25 करोड़ और अन्य कार्यो के लिए 41.28 करोड़ की मंजूरी मिली है। धमतरी में 70 करोड़ की लागत से गुड्स टर्मिनल के निर्माण की जानकारी भी मिल रही है।
धमतरी हो जाएगा रायपुर व देश भर से कनेक्ट
धमतरी से बड़ी रेल लाईन शुरु हो जाने से धमतरी रेल सुविधा से रायपुर कनेक्ट हो जाएगा। चूंकि रायपुर पहले से ही देश का बड़ा रेल्वे जंक्शन है। देश के विभिन्न शहरो से कनेक्ट है। इसलिए धमतरी जल्द रायपुर व उसके माध्यम से अनेक शहरो से कनेक्ट हो जाएगा। इससे लाखों लोगों को सुविधा होगी व्यापार बढ़ेगा। लोगों को बसों के मंहगे किराये से राहत मिलेगी। सामानों के मंहगे ट्रांसपोर्टिंग से भी कमी आएगी।
होंगे 10 प्रमुख स्टेशन
बता दे कि उक्त परियोजना को साल 2011-12 में स्वीकृति मिली लेकिन सालों बाद काम प्रारंभ हो पाया। अब परियोजना को पूरा करने लक्ष्य साल 2025 तक रखा गया है। उक्त परियोजना अंतर्गत 10 प्रमुख स्टेशन होंगे। जिनमें धमतरी टर्मिनल स्टेशन, सांकरा पैसेंजर हाल्ट, सरसोपुरी पैसेंजर हाल्ट, कुरुद क्रांसिंग स्टेशन, सिर्री स्टेशन, चटौद स्टेशन, मानिकचौरी, अभनपुर जंक्शन स्टेशन, राजिम टर्मिनल स्टेशन, केन्द्री स्टेशन शामिल है।

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