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गुरु और शिष्य के पवित्र संबंधों को स्मरण करने का पर्व है गुरु पूर्णिमा

गायत्री परिवार का जिले भर में व्यापक आयोजन

धमतरी। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर जिला धमतरी के परिजनों द्वारा धमतरी,कुरुद, मगरलोड, नगरी एवं भखारा ब्लाक के लगभग 40 प्रज्ञापीठों, एवं 5 शक्ति पीठों में यज्ञ, विभिन्न संस्कार, वरिष्ठ परिजनों का सम्मान, वृक्षारोपण, प्रतिभा सम्मान जैसे अनेक प्रेरणादायक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला समन्वयक दिलीप नाग ने कहा कि गुरु इस धरती का सबसे पवित्र शब्द है। गुरु व्यक्ति नहीं एक शक्ति है। गुरु की एक कृपा दृष्टि ही जीवन का बहुमूल्य वरदान है। जिससे हमारे जीवन का उद्धार हो जाता है। सदगुरु की प्राप्ति के लिए अपने अहंकार को जलाना,गलाना और मिटाना पड़ता है। गायत्री परिवार के परिजनों के लिए गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है क्योंकि इस दिन गुरु का विशेष अनुदान, वरदान प्राप्त होता है।

इस दिन जिले के सभी प्रज्ञा पीठों, शक्तिपीठों में एक एवं तीन कुण्डीय यज्ञ का आयोजन, विभिन्न संस्कार जैसे, वरिष्ठ जनों एवं शिक्षक शिक्षिकाओं का सम्मान के साथ वृक्षारोपण जैसे पुण्य कार्य का आयोजन किया जाता है। इसी के अंतर्गत 34पुंसवन संस्कार,25 गूरुदीक्षा,150से अधिक परिजनों का सम्मान,130 वृक्षारोपण,5 स्थानों पर बाल संस्कार शाला का शुभारंभ किया गया। धमतरी ब्लाक के धमतरी, आमदी, खरतुली,मुजगहन, रुद्री,माकरदोना, छूही,लीलर,परसुली, कण्डेल,देमार,कुरमातराई,गुजऱा,कुरुद शक्तिपीठ में ब्लाक स्तरीय आयोजन, मगरलोड,करेली छोटी,मोहेरा,कुण्डेल,कपाल फोड़ी, करेली बड़ी,, नगरी,फरसिया, आमगांव,गट्टासिली, औभखारा,भेंडरा,ईर्रा, पचपेड़ी,सिलीडीह आदि स्थानों के साथ अन्य स्थानों पर भी विशेष रूप से आयोजित किया गया। सभी परिजनों ने गुरु कार्य करने का संकल्प लिया।

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