नेत्रहीन कलाकारों ने संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन कर किया लोगों को भावविभोर
कुरुद। कुरूद में आयोजित मानव सेवा ही माधव सेवा है कार्यक्रम में नेत्रहीन कलाकारों ने संगीत प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया जिससे उपस्थित सभी लोग भावविभोर हो गए।नवरंगपुर, उड़ीसा से आए इन नेत्रहीन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से साबित कर दिया कि शारीरिक चुनौतियां किसी के सपनों को पूरा करने में रोड़ा नहीं बन सकतीं। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गीतकार विष्णु जेना थे। उनकी मधुर आवाज और भक्ति गीतों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। केवल गायन ही नहीं, बल्कि वाद्य यंत्रों पर भी नेत्रहीन कलाकारों ने अद्भुत प्रदर्शन किया। उनकी उंगलियां वाद्ययंत्रों पर इस तरह चलती थीं मानो उन्हें आंखों की जरूरत ही नहीं। इसने साबित कर दिया कि संगीत में सफलता के लिए आंखें नहीं, बल्कि दिल और लगन जरूरी है। इन कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। यह कार्यक्रम समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण है। यह हमें सिखाता है कि हमें किसी को उसकी शारीरिक कमजोरियों के आधार पर नहीं आंकना चाहिए। हर व्यक्ति में कुछ खास करने की क्षमता होती है, बस उसे पहचानने की जरूरत होती है।